बरेली। नियम तोड़कर शहर में चलने वाले देहात परमिट के तमाम टेंपो चालकों की दबंगई फिर देखने को मिली। सोमवार को एक टेंपो चालक ने साथियों के साथ मिलकर सवारी को पहले बेरहमी से पीटा फिर फर्जी आरटीओ बनकर चेकिंग का झूठा आरोप लगाते हुए कोतवाली ले गए। यहां युवक पक्ष के भी कई लोग पहुंच गए। बाद में मामले में समझौता हो गया।
संजयनगर निवासी टेंपो चालक राम खिलौना के टेंपो नंबर यूपी 25-बीटी-1606 का परमिट देहात का है। सोमवार को वह टेंपो लेकर सेटेलाइट से जंक्शन की ओर जा रहा था। शहर परमिट के टेंपो सेटेलाइट से ईसाईयों की पुलिया, बियावानी कोठी, गांधी उद्यान और चौकी चौराहा होते हुए जंक्शन जाते हैं। राम खिलौना चेकिंग से बचने के लिए कंपनी गार्डन से सर्किट हाउस चौराहा होते हुए सिविल लाइंस स्थित हेड पोस्ट आफिस के सामने वाली गली से निकल रहा था। इससे टेंपो में बैठा मोहल्ला कोट का राशिद घबरा गया। उसे पता नहीं था कि टेंपो देहात परमिट का है और चेकिंग से बचने के लिए चालक गलियों में घुस गया। उसने आम रास्ते से ले चलने को कहा तो राम खिलौना बदतमीजी पर उतर आया। राशिद को लगा कि उसने शराब पी रखी है। इससे चालक के इरादों पर शक हुआ तो उसने चेतावनी दे दी कि पुलिस चौकी में उसकी शिकायत करेगा और टेंपो के कागज चेक कराएगा। यह सुनकर राम खिलौना और भड़क गया और उल्टा-सीधा बोलते हुए जंक्शन की तरफ चल पड़ा। जंक्शन पर उसने शोर मचाकर साथियों को बुला लिया। उन्हें बताया कि युवक फर्जी आरटीओ बनकर कागज चेक करने की बात कह रहा है। इसके बाद सबने मिलकर राशिद को जमकर पीटा, फिर कोतवाली ले गए। यहां भी राशिद पर यही झूठा आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। उधर, सूचना मिलने पर राशिद की ओर से भी कुछ लोग पहुंच गए। काफी देर बहस के बाद समझौते की बात शुरू हो गई। एसएसआई गिरीराज प्रसाद ने बताया कि दोनों पक्षों ने आपस में समझौता कर लिया है।