बरेली। थाना बिथरीचैनपुर इलाके में तांगा चालक की आठ साल की बेटी से दुराचार करने वाले को नेता जी और पुलिस ने आखिरकार बचा ही दिया। नेता जी ने पीड़ित को धमकाकर मुंह बंद रखने के लिए पचास हजार रुपये दिलाए तो उसने भी लिखकर दे दिया कि आरोपी से उसका मतभेद हो गया था जिम्मेदार लोगों ने समझौता करा दिया, अब तहरीर वापस ले रहा हूं। डीआईजी ने सीओ स्तर से जांच कराने के आदेश दिए हैं। आईजी विजय सिंह मीना का कहना कि वह भी अपने स्तर से जांच कराकर कार्रवाई कराएंगे।
शाहजहांपुर रोड पर नरियावल में ठिरिया निजावत खां के युवक ने तांगा चालक की आठ साल की बेटी से साथ मंगलवार की रात को दुराचार किया था। घटना के बाद ही बच्ची को लेकर थाने पहुंचे पिता ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की थी। पहले तो पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए दो बार उसके घर दबिश दी लेकिन एक नेता जी की सिफारिश आते ही समझौता कराने के प्रयास शुरू कर दिए थे। नेता जी ने पीड़ित को बुरी तरह से धमकाकर उसे मुंह बंद रखने के एवज में पचास हजार रुपये दिलाकर समझौता लिखा लिया। पीड़ित ने लिखा है, ‘आरोपी से उनका मतभेद हो गया था। कुछ जिम्मेदार लोगों ने हमारा समझौता करा दिया है। इस संबंध में जो तहरीर दी थी, वह वापस ले रहा हूं।’
आईजी आरकेएस राठौर ने मामले की सीओ स्तर से जांच कराने का आदेश दिया है। उनका कहना है कि सीओ से घटना की सच्चाई और पुलिस की भूमिका की जांच कराई जाएगी। पुलिस कर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
दरोगा बोले, मामला मारपीट का है
हल्का दरोगा वीरेंद्र राणा का कहना है कि तांगा चालक की बेटी के साथ दुराचार की बात गलत है। मारपीट का मामला था। पिता घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने पहुंचा था लेकिन बाद में दोनों का ठिरिया निजावत खां के एक नेता की कोठी पर समझौता हो गया।