रामपुर जेल से पेशी पर स्थानीय सिविल कोर्ट आए रिछा निवासी शातिर बदमाश सादिक ने शनिवार को खासा बवाल कर दिया। उसकी पत्नी ने मोबाइल से बात कराने की जिद की तो पुलिस ने रोक दिया। गुस्साए बंदी ने वाहन की खिड़की में सिर मारका फोड़ लिया। पुलिस ने उसका मेडिकल कराकर पेशी कराई और वापस रामपुर भेज दिया। दरोगा ने उसके खिलाफ मुकदमा कराया है।
रिछा निवासी सादिक डकैती के केस में रामपुर जेल में बंद है। उस पर बहेड़ी थाने में चोरी व लूट के तीन मुकदमे हैं। शनिवार को उसे रामपुर जेल से सिविल कोर्ट बहेड़ी में बंदी वाहन से लाया गया। पूर्वान्ह 11 बजे सिविल कोर्ट के सामने वाहन खड़ा कर दिया गया। इस बीच उसकी पत्नी आसमां बेगम टिफिन में खाना लेकर पहुंची। आसमां के मिन्नतें करने पर जांच करने के बाद सादिक को खाना खाने दिया। वाहन की खिड़की के पास खडे़ होकर पति पत्नी बातें करने लगे। सादिक ने पत्नी से वकील से मोबाइल पर बात कराने को कहा। आसमां ने अपने एक रिश्तेदार से मोबाइल मांगा। सामने खड़े सिपाही चक्रसेन ने मोबाइल देने से मना कर दिया। सादिक चिल्लाने लगा। बोला- तूू मोबाइल दे, मैं देखता हूं कौन रोकेगा ?उसने पुलिस को गालियां देनी शुरू कर दी। उसने बंदी वाहन की खिड़की में मारकर सिर फोड़ लिया। इसकी सूचना सिपाहियों ने सिविल जज अमित कुमार को दी और उसे इलाज के लिए सीएचसी लेकर पहुंचे। वहां से उसे कोर्ट में पेश किया गया। फिर उसे लेकर पुलिसकर्मी थाने पहुंचे। यहां दरोगा रामकिशोर ने सादिक के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा करा दिया। वहीं सादिक के वकील जाबिर खां ने दरोगा रामकिशोर, सिपाही चक्रसेन सहित पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ सादिक को रायफल की बट मारकर घायल करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी।