रेलवे के लोहा चोरी मामले को दबाने वालों पर होगी कार्रवाई
- फोटो : Railway's iron ombudsman will take action against those people
पीलीभीत के पूरनपुर से रेलवे का लोहा चोरी होने के मामले को दबाने वाले आरपीएफ वालों की गर्दन फंसती नजर आ रही है। जिला मुख्यालय से लेकर मंडल मुख्यालय तक के किसी अधिकारी के मामले में कार्रवाई न करने पर ‘अमर उजाला’ की खबर का आरपीएफ के चीफ सिक्योरिटी कमिश्नर राजा राम ने संज्ञान लिया है। उन्होंने इज्जतनगर मंडल सुरक्षा आयुक्त को मामले की जांच कर रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए हैं। इससे मामला दबाने वालों पर कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
पीलीभीत से मैलानी तक हो रहे ब्राडगेज कार्य के तहत उखाड़े जाने वाले टेलीफोन के खंभे, रेल पटरियों की चोरी लंबे समय से हो रही थी। इसका खुलासा शनिवार को भोजीपुरा पुलिस ने पूरनपुर से ट्रक में भरकर लाया जा रहा रेलवे का लोहा पकड़कर किया था। ट्रक के साथ पकड़े गए बद्दन तिवारी, नत्थू कबाड़ी, छोटे खां और फिरोज ने एसएसपी बरेली के समक्ष स्वीकार किया था कि वह पीलीभीत के पूरनपुर से रेलवे का यह लोहा चोरी कर सहारनपुर ले जा रहे थे। इतना बड़ा खुलासा होने के बाद भी रेलवे सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले आरपीएफ के पीलीभीत मुख्यालय और इज्जतनगर मंडल मुख्यालय के अफसर खामोश हैं। ‘अमर उजाला’ ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो गोरखपुर मुख्यालय में बैठने वाले आरपीएफ के चीफ सिक्योरिटी कमिश्नर राजाराम ने इसका संज्ञान लिया। चीफ सिक्योरिटी कमिश्नर ने इज्जतगनर मंडल सुरक्षा आयुक्त को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए हैं।
भोजीपुरा पुलिस ने भी नहीं लगाया ठेकेदार का पता
पीलीभीत-पूरनपुर मीटरगेेज को ब्राडगेज में तब्दील करने का ठेका रेलवे ने विजय तिवारी नाम के ठेकेदार को दिया है। पकड़े गए लोगों ने बताया था कि ठेकेदार ही उनसे पिछले पांच साल से लोहा चोरी करा रहा था। इस मामले में भोजीपुरा पुलिस ने विजय तिवारी को नामजद भी किया, लेकिन अभी तक उसका पता नहीं लगाया कि वह कहां का रहने वाला है। भोजीपुरा एसएचओ कहते हैं कि यह रेलवे से जुड़ा मामला है, इसलिए केस आरपीएफ को ट्रांसफर किया जा रहा है।