कौवाबाग रेलवे कॉलोनी, गोरखपुर में मंगलवार की शाम सात बजे रेलवे के उप मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (पीओ) तरुण शुक्ला (56) ने लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद को गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर बेटी ने शोर मचाया तो पड़ोसी जमा हो गए और पुलिस को घटना की सूचना दी।
घटना की वजह पारिवारिक विवाद बताया जा रहा है। हालांकि बेटी तन्वी ने कुछ भी बताने से इंकार किया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर लाइसेंसी रिवाल्वर कब्जे में ले ली है। मौके से सुसाइड नोट भी मिला है। बरेली के सुरेश शर्मा नगर निवासी स्टार क्रिकेटर तरुण शुक्ला ने यूपी टीम से रणजी ट्राफी खेली और खेल कोटे से ही रेलवे की नौकरी हासिल की। इस घटना से बरेली के खिलाड़ियों और रेलवे के अफसरों-कर्मचारियों में शोक है। तरुण जनवरी, 2016 से गोरखपुर में पीओ के पद पर तैनात थे।
पुलिस के मुताबिक, तरुण मंगलवार को दफ्तर नहीं गए थे। उनकी पत्नी अपने बेटे के पास दिल्ली गई हैं। घर में तरुण के अलावा उनकी बेटी तन्वी ही थीं। दोपहर बाद तरुण ने खुद को गेस्ट रूम में बंद कर लिया। शाम अचानक गोली चलने की आवाज आई तो बेटी भागकर गेस्ट रूम की तरफ गई पर दरवाजा बंद था। दरवाजे का शीशा तोड़कर बेटी और आसपास के लोग गेस्ट रूम में पहुंचे। वहां तरुण सोफे पर मृत मिले। पास ही उनका लाइसेंसी रिवाल्वर पड़ा था।