एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन रैगिंग को लेकिर भले ही सख्ती बरत रहा हो, लेकिन सीनियर्स पर इसका असर नहीं पड़ रहा। जूनियर छात्र उनका लगातार निशाना बन रहे हैं। हॉस्टल के बाहर उनको बुलाकर रैगिंग की जा रही है। सीनियर छात्रों ने रविवार को कुछ जूनियर छात्रों को न्यू ब्वॉयज हॉस्टल के बाहर बुलाया। उनके नाम पूछे और फिर उनसे गाने सुने। जब कुछ छात्र हॉस्टल जाने लगे तो उनको जमकर हड़काया। कहा, अगर शिकायत की तो खैर नहीं। इतना सब कुछ होता रहा लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन को इसकी भनक नहीं लग सकी।
विश्वविद्यालय कैंपस में कुछ दिन पूर्व ही रैगिंग की बात सामने आई थी। सीनियर छात्रों के दो गुटों में तकरार हो गई थी। मामला दबा दिया गया। सूत्रों की मानें तो कैंपस के बाहर जूनियर छात्रों को निशाना बनाया जा रहा है। रविवार को कुछ जूनियर छात्र हॉस्टल के बाहर खड़े थे तो उन्हें सामने खाली पड़े मैदान में बुलाया गया। सीनियर्स पहले तो सामान्य बातें करते रहे फिर एक-एक करके उनके नाम और हॉबी पूछी। कुछ छात्रों से गाने भी सुने। जब कुछ छात्र वापस जाने लगे तो उनको जमकर हड़काया।
इस तरह का कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। हॉस्टल में हमारे सूत्र हैं। कोई मामला होगा तो तुरंत संज्ञान में आएगा। फिलहल ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। फिर भी हॉस्टल में निगरानी बढ़ा दी जाएगी। - प्रोफेसर बीआर कुकरेती, चीफ प्रॉक्टर