Preparation of FIR in Giridhar Gopal's house robbery
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
केसीएमटी डायरेक्टर गिरधर गोपाल के घर डकैती के मामले में प्रेमनगर थाने की पुलिस फाइनल रिपोर्ट लगाने की तैयारी कर रही है। डेढ़ साल पहले हुई वारदात में परिवार के करीबी शख्स का नाम जरूर सामने आया, लेकिन पुलिस की जांच में कोई ठोस बात सामने नहीं आई। फिलहाल पुलिस जांच की बात कह रही है।
30 दिसंबर, 2015 की रात करीब 10 बजे गिरधर गोपाल के नेहरू पार्क स्थित घर पर पांच बदमाशों ने डकैती की वारदात की थी। बदमाशों ने परिवार को बंधक बनाकर लाल रंग का ब्रीफकेस लूटा, लेकिन घर के किसी सामान को हाथ नहीं लगाया था। बदमाशों ने परिवार के साथ मारपीट भी नहीं की थी। इस वारदात के बाद परिवार ने पुलिस के सामने यह नहीं खोला था कि कितने की लूट हुई। वारदात के बाद परिवार की बहू पारुल और पोती गौरी के बताने के आधार पर स्केच भी जारी किए गए थे। हालांकि, बदमाशों को पकड़ा नहीं जा सका।
प्रेमनगर थाने की पुलिस ने तफ्तीश शुरू की। पूछताछ के बाद कई बदमाशों को पकड़ा गया। मेरठ के गिरोह पर शक होने पर एक टीम को रवाना किया गया। बाद में डकैती में परिवार के एक करीबी शख्स का नाम सामने आने लगा, जिसके बाद परिवार ने पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए डीआईजी आशुतोष कुमार के कार्यालय में शिकायत दर्ज करवाई थी। इसके बाद मामला तकरीबन ठंडे बस्ते में चला गया। डीजीपी कार्यालय से पुरानी वारदातों को वर्क आउट करने के निर्देश के बाद पुलिस ने डकैती पर दोबारा काम शुरू किया, लेकिन लंबे समय के बाद भी केस वर्क आउट नहीं होने के चलते घटना को संदिग्ध मानते हुए अब फाइनल रिपोर्ट लगाने की तैयारी की जा रही है। प्रेमनगर थाने के इंस्पेक्टर राजेश सिंह ने सीओ प्रथम कुलदीप के सामने केस डायरी रखी थी।