Prasad Tackle broke on the wall
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
प्रसाद टाकीज के जनरल मैनेजर द्वारा चायनीज फास्ट फूड शॉप की दीवार तोड़ने के बाद हंगामा शुरू हो गया। जनरल मैनेजर और रेस्टोरेंट मालिक के बीच झगड़ा होने लगा। रेस्टोरेंट पर कब्जेदारी के पुराने विवाद को देखते हुये कोतवाली पुलिस दोनों पक्षों को उठाकर कोतवाली ले आये। देर शाम शांति भंग का चालान किया गया है।
प्रसाद टाकीज के जनरल मैनेजर शशि नारायण शर्मा ने बताया कि वह करीब दस साल से टाकीज की बिल्डिंग में रहते आ रहे हैं। वह मूल निवासी शिकोहाबाद के हैं। दस साल पहले टाकीज की बिल्डिंग से लगी एक दुकान को अजय रस्तोगी को किराये पर दी थी। इस दुकान में फास्ट फूड रेस्टोरेंट संचालित है। शशि नारायण का आरोप है कि दुकान का किराया आठ हजार महीना तय हुआ था। लेकिन अजय किराया नहीं दे रहे हैं। दुकान को खाली करने के लिये कहा गया तो वह 2012 में मामला कोर्ट ले गये। कोर्ट ने शशि के पक्ष में फैसला सुनाया तो अजय केस को हाईकोर्ट लेकर पहुंचे। वह हाईकोर्ट में भी हार गये। शुक्रवार को शशि नारायण ने एक अमीन की मौजूदगी में टाकीज और रेस्टोरेंट के बीच की दीवार को तोड़ दिया। इसके बाद मौके पर पुलिस पहुंच गई। दीवार तोड़ने का विरोध करते हुए दोनों पक्षों के बीच झगड़ा शुरू हो गया। कोतवाली पुलिस दोनों पक्षों को थाने लेकर आ गई।
डीआइजी ने दो दिन में मांगी रिपोर्ट
अजय रस्तोगी का पक्ष देर शाम डीआइजी आशुतोष कुमार के कार्यालय में पेश हो गया। आरोप था कि टाकीज के जनरल मैनेजर ने दीवार तोड़कर 11 हजार रुपया लूट लिया। डीआइजी ने पूरा मामला समझने के बाद कोतवाल कमलकांत वर्मा को जांच करके दो दिन में रिपोर्ट देने के लिए निर्देश जारी किये।