सपा सरकार में खनन माफिया प्रशासन और पुलिस पर हावी थे। तब उनको सपा नेताओं का संरक्षण था। योगी सरकार में अवैध खनन को लेकर सख्ती बरती गई लेकिन खनन माफिया अब भी बेखौफ हैं। कुछ दिन पहले आंवला सांसद के घर के लिए खनन निकासी को लेकर एक भाजपा विधायक का प्रशासन से टकराव हो चुका है। खनन माफिया की सक्रियता अब कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करने लगी है।
सदर तहसील के इज्जतनगर थाना क्षेत्र के गांवों में खनन माफिया के संजयनगर निवासी गुर्गों की पांच ट्रैक्टर और एक जेसीबी बैरियर टू चौकी से आगे खड़ी देखी जा सकती हैं। बिथरीचैनपुर ब्लाक के गांव पूरनापुर, परातासपुर, बालीपुर, सैजुपुर लक्सरीगंज में खनन निकासी चल रही है। पखवाड़े भर पहले खनन अधिकारी को परातासपुर निवासी अंकुर मिश्रा ने फोन करके विधायक का भतीजा होने का रौब दिखाकर खनन करने की बात कही। इस पर विधायक को भी सफाई देनी पड़ी। आंवला में रामनगर के आस-पास गांवों के अलावा बहेड़ी में किछा नदी के किनारे नोडाली, सिमरा, लोधीपुर, रोहनिया, रहनपुर, मीरगंज और फतेहगंज पश्चिमी की तरफ भाखड़ा नदी और बहगुल नदी के किनारे रहनपुरा से लगे गांव और शाही दुनका में जोरों से खनन निकासी हो रही है। नवाबगंज में बथुआ नबादा, गरगईया गांव में रात के अंधेरे में खनन होते कभी भी देखा जा सकता है।
चौकी इंचार्ज ही हटवा दिए
रामगंगा कटरी क्षेत्र में होने वाले अवैध खनन के खिलाफ रामगंगा चौकी इंचार्ज अजीत शर्मा ने अभियान चलाया तो उनके खिलाफ एसएसपी कार्यालय में 50 हजार रुपये की अवैध वसूली की शिकायत कर उन्हें चार्ज से ही हटवा दिया गया। कुछ ऐसा ही जेल चौकी के प्रभारी गुरुदेव सिंह के साथ हुआ। खादी के संरक्षण में पनप रहे खनन माफिया की ट्रैक्टर ट्राली पकड़ने के बाद उन्हें देहात की तैनाती पर भेज दिया गया। खनन के खिलाफ काम करने वाले पुलिसकर्मियों को साइड लाइन की तैनाती देकर हटा दिया जाता है।