तेल के खिलाड़ियों के हाथ लगता है बहुत लंबे हैं। गुजरात कनेक्शन भी है और तेल कंपनियों की मिलीभगत भी। लोकल खिलाड़ी भी कमजोर नहीं। जिस तरह इस मामले में पुलिस ने शुरू से ढील दे रखी है उससे साफ है कि कहीं न कहीं पुलिस के हाथ बांध दिए गए हैं। देवचरा में मिलावटी पेट्रोल और डीजल के खेल के मुख्य आरोपियों पर पुलिस मेहरबान है। पहले तेल माफिया का फायदा पहुंचाने के लिये कोर्ट से अरेस्ट स्टे की बात कर रहे थे। अब चार्जशीट का औपचारिकता हो जाने के बाद भी विवेचक ने वारंट के लिये कोर्ट में अर्जी तक नहीं लगाई। गुजरात के आपूर्तिकर्ता सब्बू भाई के खिलाफ कोर्ट से वारंट हासिल करने के बावजूद पुलिस की टीम गुजरात रवाना नहीं की गई। तफ्तीश मेें मुख्यारोपियों के बयान तक ठीक से दर्ज नहीं करवाये गये। सीओ आंवला संतोष सिंह के मुताबिक एसएसपी की अनुमति के बाद पुलिस टीम गुजरात रवाना की जाएगी। कब की जाएगी ये सवाल लगता है अभी कई दिन हवा में रहेगा। पुलिस किसी तरह तेल के इस खेल पर पानी डालने में लगी है।
देवचरा में स्नेह कोल्ड स्टोरेज में मिलावटी पेट्रोल-डीजल की बरामदगी के बाद पुलिस का रवैया बड़े खेल के पीछे सफेदपोश चेहरों को बचाने का रहा है। अड्डे पर छापामारी में लीड करने वाली ट्रेनी महिला आईपीएस रवीना त्यागी को जांच से हटा कर तुरंत ही रोमियो पकड़ने में लगा दिया गया। तत्कालीन भमोरा एसओ के तेल माफिया कनेक्शन मिला था, जिसके बाद उन्हें सस्पेंड किया गया था लेकिन मामले की विवेचना बड़ी सफाई से आंवला थाने में ट्रांसफर की गई। आंवला ऑयल डिपो से निकलने वाले टैंकरों से तेल चोरी का गढ़ माना है। जैसा कि अंदेशा था तफ्तीश में तत्कालीन आंवला थाना प्रभारी एसएस पवार खेल कर गये। पहले चार्जशीट लगाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। फिर चार्जशीट से अंकुर का नाम ही हटा दिया। तत्कालीन आईजी विजय प्रकाश ने विवेचक को तलब करके फटकारा तो दोबारा नाम को शामिल किया गया।
आंवला पुलिस कर रही है खेल
मिलावटी तेल प्रकरण के मुख्य आरोपी केके अग्रवाल, उनके साझेदार नितिन कंसल, सौरभ ने गिरफ्तारी के खिलाफ हाईकोर्ट से स्टे लिया था। लेकिन चार्जशीट लगने के बाद स्टे खत्म हो जाता है। अब इनकी गिरफ्तारी के लिये कोर्ट में वारंट जारी करवाने के लिये अर्जी लगानी थी। आंवला पुलिस ने कोर्ट में गिरफ्तारी वारंट के लिये अर्जी नहीं लगाई गई। हाल में आंवला थाने में तैनात हुए विद्याराम दिवाकर के पास विवेचना पहुंची है। उन्होंने बताया कि वह केस डायरी को पढ़ रहे हैं। जल्द कोर्ट में गिरफ्तारी के वारंट के लिये अर्जी दी जाएगी। मुख्यारोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
निष्पक्ष जांच के लिये लगातार मॉनीटरिंग करवाई जा रही है। मुख्यारोपियों की जल्द गिरफ्तारी करवाई जाएगी। गुजरात के आपूर्तिकर्ता की गिरफ्तारी के लिये टीम रवाना की जाएगी।
-रोहित सिंह, प्रभारी एसएसपी