मीरगंज के तत्कालीन एसडीएम, नायब तहसीलदार, एसडीएम की पेशकार समेत एक अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने वाले, उसके भाई, बेटे और एक अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पंकज मिश्रा ने थाना मीरगंज पुलिस को दिया है।
एक जुलाई 2014 को थाना मीरगंज के ग्राम खमरिया के रहने वाले बाबू सिंह ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में 156(3) सीआरपीसी की अर्जी दी थी। उसमें मीरगंज के तत्कालीन एसडीएम और नायब तहसीलदार विनय कुमार मिश्रा, एसडीएम की पेशकार माया देवी और गांव के ही सत्यपाल सिंह पर मारपीट कर आंख पर चोट मारने और दो हजार रुपये रिश्वत में लेने का आरोप लगाया था। अदालत ने उसकी अर्जी को स्वीकार करते हुए सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश थाना पुलिस को दिया था।
दूसरी ओर 12 नवंबर 2014 को सत्यपाल सिंह ने बाबू सिंह उसके भाई राजपाल सिंह, पुत्र कुलदीप सिंह और गांव के ही चंद्रपाल सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की अर्जी अदालत में दी। उसके अनुसार बाबू सिंह ने 3 जुलाई 2014 को उसके घर पर आकर कहा कि उसके खिलाफ अदालत में रिपोर्ट दर्ज कराने की अर्जी दी गई है। रिपोर्ट दर्ज होने पर तुम्हें आजीवन कारावास की भी सजा हो सकती है। एक लाख रुपये दो तो अदालत में दी गई अर्जी वापस लूंगा। उसी दिन शाम को अन्य आरोपियों के साथ घर पर आया और तमंचा दिखाकर एक लाख रुपये की मांग करने लगा। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी और गालियां दी। अदालत ने उसकी अर्जी को स्वीकार करते हुए थाना मीरगंज पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया है।