घर से महज 50 किमी की दूरी के थाने में सालों से जमे बदायूं के बर्खास्त सिपाही अवनीश और वीरपाल यादव अपने जैसे अकेले नहीं हैं। बरेली के थानों में ऐसे दबंग पुलिसवालों की कमी नहीं है जो अपराधियों के साथ मिल कर काम कर रहे हैं और बड़े नेताओं की सिफारिश पर तबादले रुकवाते रहे हैं।
थाना फतेहगंज पश्चिमी के सिपाही इंद्रवीर यादव को पशु तस्करों से संपर्क रखने के आरोप में दो महीने पहले हटाया गया था। लेकिन महीने भर बाद ही इंद्रवीर ने फिर इसी थाने में ज्वाइनिंग ले ली। इसीआरोप में थाना मीरगंज के सिपाही योगेश सिंह का भी दो बार ट्रांसफर हुआ था, लेकिन उसने तीसरी बार इसी थाने में पोस्टिंग पा ली। शीशगढ़ की बंजरिया चौकी पर रहते सिपाही भारत सिंह पर कई बार शराब तस्करों से साठगांठ के आरोप लगे। उसे यहां से हटाकर बहेड़ी की चुरैली डाम चौकी भेजा गया। वहां भी उस पर आरोप लगते रहे। अब वह टांडाछंगा चौकी पर तैनात है लेकिन इस सिपाही का अधिकांश वक्त बंजरिया चौकी पर कटता ही है। भोजीपुरा थाने के सिपाही प्रेमनारायण ने तीसरी बार इसी थाने में तैनाती ली है। हाफिजगंज का कांस्टेबल मानवेंद्र यादव थाने की जीप चलाता है। उस पर अक्सर उगाही के आरोप लगते रहे हैं। एक शिकायत पर डीआईजी तक जांच करा रहे हैं।
दरोगाओं की बात करें तो चौकी प्रभारी रिछा राजेंद्र यादव का नाम सबसे ऊपर आता है। यह दरोगा दो साल इसी थाने में दीवान रहा और प्रमोशन पाने के बावजूद इस थाने से नहीं हिला। नवाबगंज सर्किल के थानों को एसआई हरगोविंद सिंह कई साल से मथ रहे हैं। किसान नेता सतनाम शाही के घर पड़ी बड़ी डकैती के नामजद आरोपी को उन्होंने नहीं पकड़ा। शाही की शिकायत पर डीआईजी ने उन्हें लाइन हाजिर किया। लेकिन थोड़े दिन बाद वह फिर इसी थाने में तैनात हो गए।
वर्जन
पशु तस्करों से संबंध जैसे आरोपों में जिन सिपाहियों को हटाया गया था, इनमें से एकाध की रीपोस्टिंग होने की जानकारी मिली है। उन्हें अब वहां किसी सूरत नहीं रखा जाएगा। बाकी स्टाफ के खिलाफ भी शिकायतें मिलने पर जांच के बाद प्राथमिकता से कार्रवाई की जाती है। - बृजेश श्रीवास्तव, एसपी देहात
दो-दो तबादले फिर भी जमे रहे
बरेली। बदायूं की बिसौली कोतवाली के प्रभारी सतीश यादव भी इनमें से एक हैं। रैंकर दरोगा होने के बावजूद कोतवाली चला रहे सतीश कई साल से बदायूं में तैनात हैं। दो महीने पहले उनका ट्रांसफर पीलीभीत हुआ था लेकिन वह नहीं गए। इसके बाद उनका बरेली ट्रांसफर किया गया, लेकिन वह बरेली भी नहीं आए।
रिलीविंग के लिए चिन्हित किया गया स्टाफ
जिला कांस्टेबल हेड कांस्टेबल एसआई
बरेली 242 129 2
बदायूं 219 61 1
शाहजहांपुर 183 122 2
पीलीभीत 175 64 3
वर्जन
बार्डर ट्रांसफर स्कीम के तहत शेष बचे स्टाफ को दो-चार दिन में ही संबंधित जिलों को रिलीव करने के निर्देश सभी पुलिस अधीक्षकों को दे दिए गए हैं। इसमें कोई कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। - आरकेएस राठौर, डीआईजी बरेली रेंज