बिथरीचैनपुर। पदारथपुर गांव में डॉ. हसन खां के घर बदमाशों ने असलहों के बल पर दस लाख का डाका डाल दिया। पुलिस के आला अफसरों में हड़कंप मचा तो तुरंत टीमें मौके पर भेजी गईं। छह संदिग्ध बदमाशों को उठाकर पूछताछ की गई मगर कोई नतीजा नहीं निकल सका। मामले की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
अपने ही घर में क्लीनिक चलाने वाले डॉ. हसन खां ने बताया कि मंगलवार रात करीब दो बजे आठ सशस्त्र बदमाश दीवार कूदकर उनके घर में घुस आए। उन्होंने सबसे पहले सात साल की बेटी अलीशा को कब्जे में ले लिया। इसका विरोध किया तो बदमाशों ने अलमारी की चाबी मांगी। न देने की बात पर बेटी की खोपड़ी उड़ा देने की धमकी दी। इसके बाद एक बदमाश ने अलीशा के सीने पर तमंचा तानकर उन्हें और उनकी पत्नी कमर जहां को रस्सी से बांधकर बेड पर डाल दिया। इसके बाद बदमाशों ने आराम से घर को खंगाला। बदमाश सोने की दो चेन, छह अंगुठियां, मंगल सूत्र, टीका, दो जोड़ी झाले और चार सोने की चूड़ियां समेत करीब तीस तोले सोने का जेवर, 240 ग्राम चांदी और 1800 रुपये की नगदी लूट ले गए। बदमाशों के जाने के बाद डॉ. हसन और उनकी पत्नी ने किसी तरह से एक-दूसरे के हाथ-पैर खोलकर शोर मचाया। इससे आसपास के लोग जाग गए। रात को ही सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। एसओ राजवीर सिंह यादव ने डॉक्टर के घर जाकर पूरे मामले की छानबीन की। बुधवार की सुबह सीओ संतोष कुमार सिंह ने भी घर का मुआयना करके बदमाशों का हुलिया पूछा। डॉक्टर और उनकी पत्नी को जिले के कुछ शातिर बदमाशों के फोटो भी दिखाए गए, लेकिन उन्होंने किसी को पहचानने से इन्कार कर दिया।
अलीशा को नाम से किसने बुलाया
सीओ संतोष कुमार सिंह ने बताया कि डॉक्टर हसन के घर में हुई घटना के बाद से ही हम बदमाशों की तलाश करने में लगे हैं। अब तक की छानबीन में पता लगा कि अलीशा को कब्जे में लेकर बदमाशों ने डकै ती की है। बदमाशों में कोई जानकार ही है इसीलिए उसने अलीशा को नाम लेकर बुलाया था। डॉक्टर के पास दवा लेने वाले संदिग्ध लोगों की पुलिस छंटनी कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि डॉक्टर के घर किन-किन लोगों का आना-जाना है। उन्होंने बताया कि छह संदिग्धों को उठाकर पूछताछ की जा रही है।
फील्ड यूनिट को नहीं मिला एंट्री प्वाइंट
डॉक्टर हसन के यहां हुई डकैती की सूचना पर फील्ड यूनिट की टीम ने भी मौके पर जाकर छानबीन की, लेकिन एंट्री प्वाइंट कहीं नहीं मिल पाया है, जबकि उनका घर सफेद रंग से पुता हुआ है। दीवार के सहारे बदमाश घर में घुसे होते तो पैरों के निशान मिलने चाहिए थे।