पुलिस द्वारा की गई साथी की पिटाई से नाराज अधिवक्ताओं ने शनिवार को कोतवाली घेरकर जमकर हंगामा किया। आरोपी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर अधिवक्ता कोतवाली में ही पुलिस से भिड़ गए। इसी बीच घटना की वीडियो बना रहे एक सिपाही और अधिवक्ताओं में खींचतान भी हो गई। सीओ और अन्य पुलिसकर्मियों ने जैसे-तैसे मामला शांत कराया। घंटों चले हंगामे के दौरान पुलिस अधिकारी मूक दर्शक बने रहे। देर रात पुलिस ने घायल अधिवक्ता, उसके पुत्र और साथी को मेडिकल के लिए भेजा है। नवाबगंज थाने में देर रात एसएसआई संजय सिंह, आरक्षी सुशील कुमार, प्रदीप कुमार सहित पांच अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ डकैती की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई।
रामलीला झंडी यात्रा के दौरान बार एसोसिएशन के सचिव हेमेंद्र गंगवार का पुत्र गौरव व अधिवक्ता दुष्यंत गंगवार का पुत्र शुभम गंगवार अपने एक अन्य साथी कपिल के साथ पेट्रोल पंप से बाइक में पेट्रोल डलवाकर लौट रहे थे। ट्रिपल राइडिंग पर श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज के पास झंडी यात्रा में तैनात सिपाहियों ने उन्हें रोककर पूछताछ की। आरोप है कि युवकों ने जब अपने पिता का परिचय दिया तो सिपाहियों ने उन्हें चाटा जड़ दिया। सूचना पर अधिवक्ता दुष्यंत गंगवार अपने साथी महेश गंगवार के साथ मौके पर पहुंचे तो उनकी पुलिसकर्मियों से नोकझोंक होने लगी। पुलिसकर्मियों ने उनसे भी हाथापाई कर दी और जीप में डालकर उन्हें थाने ले आए और कोतवाली लाने के बाद उन्हें बुरी तरह पीटा। कुछ ही देर में यह खबर नगर में आग की तरह फैल गई और बार एसोसिएशन अध्यक्ष शिशुपाल सिंह गंगवार दर्जनों साथियों के साथ कोतवाली पहुंच गए। उनकी भी पुलिसकर्मियों के साथ तीखी नोकझोंक हुई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। सीओ और कोतवाल से दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया। अधिवक्ता दुष्यंत गंगवार ने पुलिस कर्मियों के खिलाफ लूटपाट और मारपीट करने की तहरीर दी। इसके बाद पुलिस ने अधिवक्ता, उनके पुत्र और साथी को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए भेजा।