स्विट्जरलैंड के आईपी एड्रेस से मेयर उमेश गौतम को भेजी गई जान से मारने की धमकी की छानबीन सीबीआई इंटरपोल करेगी। स्विट्जरलैंड पुलिस की मदद नहीं मिलने पर एसपी (क्राइम) रमेश भारतीय ने एसएसपी जोगेंद्र कुमार को पत्र भेजकर सीबीआई की इंटरपोल को मदद करने के लिए कहा है। बता दें कि लोकल इंटेलीजेंस इस मामले की छानबीन नहीं कर सकी थी।
मेयर उमेश गौतम को उनके ईमेल पर आठ जनवरी की रात 11 बजकर 50 मिनट पर मेल आया। यह मेल प्रोटोनमेल डॉट कॉम से भेजा गया था। मेल में उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई थी। जब उन्होंने इस ईमेल के आईपी एड्रेस के बारे में पता कराया तो यह स्विट्जरलैंड का निकला। इसके बाद उन्होंने एसएसपी जोगेंद्र कुमार से शिकायत की। एसएसपी ने एसपी (क्राइम) रमेश भारतीय को मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए। साइबर सेल ने स्विट्जरलैंड पुलिस से मदद मांगी, लेकिन मदद नहीं मिली। इसके बाद कंप्यूटर संबंधित समस्या को सुलझाने वाली कंपनी सॉर्ट्स से भी संपर्क किया गया, लेकिन समस्या का हल नहीं मिला। लिहाजा अब पुलिस ने दिल्ली की सीबीआई इंटरपोल को पत्र लिखा है।
हिस्ट्रीशीटरों को नहीं ढूंढ सकी पुलिस
इसके बाद 21 मार्च को रोहित सक्सेना के नाम से एक खत मेयर कार्यालय पहुंचा। इसमें लिखा था कि उनके नाम की सुपारी दी गई है। किला के दो हिस्ट्रीशीटरों के नाम का भी खत में उल्लेख किया गया। एसएसपी ने इस मामले की जांच सीओ एलआईयू और सीओ प्रथम को दी, लेकिन पुलिस न तो रोहित सक्सेना को ढूंढ सकी और न ही बदमाशों का ही सुराग मिला।