बरेली सहित प्रदेश के अधिकांश शहरों के ट्रांसपोर्टरों को झांसा देकर नेपाल सीमा पर करीब 100 ट्रकों को बेचने की घटना ने प्रदेश भर में खलबली मचा दी है। सुल्तानपुर के ये ठग बरेली में जुलाई के महीने में आए थे और 40-40 हजार रुपये महीने के भाड़े पर ट्रांसपोर्टरों से नोटरी शपथपत्र पर अनुबंध करके 24 ट्रक का ले गए। लोग एक महीने के बाद भुगतान न मिलने पर सुल्तानपुर पहुंचे लेकिन वहां बताया गया कि उनके ट्रक तो चोरी हो गए। एक-एक करके सभी ट्रांसपोर्टर वहां पहुंचे तो कहा सुनी करने पर धमकियां दी गईं। इनमें से 10 की ओर से बड़ी मुश्किल से एफआईआर दर्ज हो पाई। बाकी के लोग अब भी सुल्तानपुर जिले में भटक रहे हैं। ट्रांसपोटर्स का कहना है कि लखनऊ, सीतापुर, सहित प्रदेश के कई जिलों के लोगों के साथ इस गिरोह ने धोखा किया है।
सुल्तानपुर के कोतवाली इलाके में रहने वाला आफताब जिलानी और सीतापुर निवासी राजीव मिश्रा ने यहां के करीब दो दर्जन ट्रांसपोर्टरों से संपर्क कर बिना ड्राइवर के करीब दो दर्जन ट्रकों का 30 जून से सात जुलाई के बीच अनुबंध किया और ट्रकों को सुल्तानपुर ले गए। अनुबंध में इन ट्रकों से सुल्तानपुर शहर में सीमेंट और गन्ने की ढुलाई का उल्लेख किया था। शुरूआत में ट्रांसपोर्टरों को 20-20 हजार रुपये एडवांस दिए थे। शेष राशि उनके बैंक खातों में हर महीने भेजने की बात कही गई। एक महीना बीतने को था उसी समय ट्रांसपोर्टरों ने एक महीने का भाड़ा मांगा तो जिलानी ने 27 जुलाई को बेटी की शादी बताकर अगस्त के पहले सप्ताह में भुगतान करने का आश्वासन दिया।
अगस्त के पहले सप्ताह में यहां के ट्रांसपोर्टर सुल्तानपुर में जिलानी और उसके साथियों से ट्रक की जानकारी करने और भुगतान को सुल्तानपुर पहुंचे। वहां पर जिलानी ने धमकाते हुए वापस बरेली लौटने को कहा। इस पर ट्रांसपोर्टरों नेे एसएसपी तथा शासन में बैठे अधिकारियों से सिफारिश लगा कर कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज कराने को मजबूर कर दिया। वहां पर बरेली के ही नहीं बल्कि लखनऊ, सीतापुर, आजमगढ़ सहित प्रदेश के क ई जिलों के ठगी के शिकार ट्रांसपोर्टर एकत्रित हो गए थे।
सिर्फ 10 के मुकदमे दर्ज
बरेली। सुल्तानपुर जिले की कोतवाली पुलिस ने बरेली के 24 ट्रक मालिकों के स्थान पर मात्र 10 के ही मुकदमे दर्ज किए हैं। बाकी के ट्रकों के मालिकों की तहरीर थाने में पड़ी हुई हैं। कैंट निवासी विनोद सहित कई ट्रक मालिक एफआईआर दर्ज कराने के लिए सुल्तानपुर में अफसरों के यहां चक्कर लगा रहे हैं।
ये ठगे गए
सीबीगंज के महेशपुर निवासी मौहम्मद यासीन (यूपी 25 बीटी 0406) एजाज अली, फईम अहमद (यूपी 80 बीके 9411), शमसुल (यूपी 80 बीएम- 9411),बिधौलिया निवासी जमीर अहमद (यूपी 25 टी-8875), बरेली के आजम खां (यूपी 25बीटी-1299), मोहम्मद कासिम (एचआर 38 जे-7879), मौहम्मद अहमद (एचआर 55सी-1224), पीर बहौड़ा के अकबर (एचआर 74-7777) जुनैद (एचआर 55 आई-0264), मोहम्मद रजा (आरजे 05 जीए-3303), अख्तर (यूपी 25 टी-8777) मौहम्मद मियां(यूपी 221494) तथा विनोद (यूपी 25 टी-7126) हैं।
बरेली में ऐसे रची साजिश
बरेली। धोखाधड़ी कर फर्जी एग्रीमेंट के सहारे ट्रक गायब करने वाले गिरोह के सरगना आफताब जिलानी बरेली में अपने साथी सीतापुर के राजीव कुमार मिश्रा के साथ आया। यहां पर राजीव अपने साढू कमल वाजपेयी के घर रुका। उसके मित्र टाटा कंपनी के वर्कशाप में तैनात सेल्स मैनेजर रहमान के माध्यम से यहां के ट्रांसपोर्टरों से मुकालात की। 29 व 30 जून को दो दिन रुक कर यहां के दो दर्जन ट्रांसपोर्टरों से अनुबंध कर लिया।
इस दौरान ट्रांसपोर्टरों ने ट्रकों के साथ ड्राइवर रखने की बात की तो उनको यह लालच दे दिया कि आपका ड्राइवर ज्यादा वेतन लेगा। सुल्तानपुर में हमें 30 से 4 हजार रुपये महीने पर ड्राइवर मिल जाते हैं। स्थानीय ड्राइवर गल्ला तथा अन्य सामान बेचकर कम वेतन की क्षतिपूर्ति कर लेते हैं। इस लालच में यहां के ट्रक मालिकों ने गाड़ी भेजकर ड्राइवरों को वापस बुला लिया और उधर आफताब जिलानी ने ट्रकों को नेपाल में बेच दिया।
लखनऊ क ी कंपनी के 13 ट्रक बेचे
जिलानी और उसके साथी राजीव मिश्रा ने लखनऊ की यश ट्रांसपोर्ट कंपनी और उससे जुड़े 13 ट्रकों को भी बेच डाला। इस ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक प्रकाश चंद्र एफआईआर दर्ज कराने सुल्तानपुर गए। उनके मात्र एक ट्रक के बेचने की रिपोर्ट दर्ज की है।
बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को भी नहीं बख्शा
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। धोखाधड़ी कर फर्जी एग्रीमेंट के सहारे ट्रक गायब करने वाले गिरोह के सरगना आफताब जिलानी ने बरेली, सीतापुर, लखनऊ, बाराबंकी, गोंडा सहित कई जिलों की पुलिस को घुमाकर रख दिया है। इस गैंग के दुस्साहस का यह आलम है कि इसने पूर्वांचल के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को भी नहीं बख्शा। नगर कोतवाल आजाद सिंह केशरी ने बताया कि पूछताछ में आफताब जिलानी ने कई ट्रकों को गायब करने की बात स्वीकार की थी। जिलानी ने पूर्वांचल के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के सात ट्रकों को फर्जी एग्रीमेंट तैयार कर आफताब जिलानी ने गायब कर दिया। मुख्तार अंसारी का मैनेजर कोतवाली आया था लेकिन मुकदमा नहीं दर्ज कराया। गिरोह में शामिल लोगों ने कई ट्रकों को नेपाल ले जाकर बेच दिया। अब तक कोतवाली में गिरोह में शामिल आरोपियों के खिलाफ 11 मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। इनमें एक लखनऊ से संबंधित हैं।
इनसेट
ट्रांसफर किए जा रहे केस: एसपी
पुलिस अधीक्षक पवन कुमार ने बताया कि दर्ज मामलों में कोई भी सुल्तानपुर का नहीं है। लिहाजा केस को संबंधित जिलों को ट्रांसफर किया जा रहा है। संबंधित जिलों की पुलिस की हर संभव मदद की जाएगी।