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एनजीटी में डीएम खुद पेश होंगे तभी होगी सुनवाई

Tue, 07 Mar 2017 01:49 AM IST
बरेली।  
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एनजीटी में डीएम खुद पेश होंगे तभी होगी सुनवाई - फोटो : NGT will present itself if the DM hearing
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में बाकरगंज ट्रंचिंग ग्राउंड मामले पर दायर की गई याचिका पर सुनवाई की तारीख दो दिन आगे बढ़ा दी गई है। डीएम बरेली के अदालत में हाजिर न हो पाने के चलते सुनवाई अब 8 मार्च तक टाल दी गई है। सोमवार को नगर आयुक्त शीलधर यादव और नायब तहसीलदार सदर अपना- अपना पक्ष लेकर कोर्ट में पहुंचे थे मगर डीएम के न पहुंचने पर कोर्ट ने अगली तारीख दे दी है। 
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बाकरगंज से ट्रंचिंग ग्राउंड हटाने को लेकर समाज सेवा मंच की ओर से दायर की गई याचिका के बाद नगर निगम और जिला प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। बभिया में नया ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने के लिए जगह का चुनाव किया गया है। कोर्ट के सामने नगर निगम बभिया में ट्रचिंग ग्राउंड बनाने के पक्ष को रखेगा, वहीं डीएम की ओर से इस पर आई आपत्तियाें को भी बताया जाएगा। 8 मार्च को होने वाली दोबारा सुनवाई में अब आगे की स्थिति पता चलेगी। शीलधर यादव का कहना है कि कोर्ट ने डीएम को पेश होने के लिए कहा है। 
 वीरपाल फिर विरोध की तैयारी में 
प्रशासनिक कमेटी की आपत्ति के बाद शासन से हरी झंडी मिलते ही नगर निगम बभिया में ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने को लेकर आश्वस्त हो गया है। तर्क है कि ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए बभिया में बमुश्किल जमीन मिली है और कहीं जमीन ट्रंचिंग ग्राउंड लायक नहीं है। उधर अभी भी ग्रामीण निगम के फैसले के विरोध में हैं। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव और क्यारा के एक दर्जन से ज्यादा गांवों के प्रधान और पूर्व प्रधानों ने एक बार फिर बभिया में ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने के विरोध में कमर कस ली है। रामगंगा नदी के किनारे वाले गांव के बाशिंदे होली बाद इस मुद्दे पर धरना प्रदर्शन की तैयारी में हैं। 
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शहर से लगभग आठ किलोमीटर दूर बभिया में रामगंगा नदी के किनारे ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने के लिए करीब 20 एकड़ जमीन चिह्नित की है।  वीरपाल सिंह यादव ने कमिश्नर से मिलकर ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने पर आपत्ति जताई थी। कहना था कि ट्रंचिंग ग्राउंड बनने से न केवल रामगंगा नदी का पानी प्रदूषित होगा बल्कि आस-पास की खेती पर भी इसका असर पड़ेगा। शासन की अनुमति मिलने के बाद सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष के अलावा पूर्व बीडीओ जयवीर सिंह, चौबारी के प्रधान पति राजीव कुमार सिंह, बीडीसी सरबन सिंह, पूर्व बीडीसी सतीश सिंह, मिर्जापुर प्रधान रामचंदर, बभिया के प्रधान पति धर्मपाल सिंह, राजेंद्र प्रसाद पाराशरी और प्रधान क्यारा सर्वेश्वर सिंह ने हिंदू आस्था की प्रतीक रामगंगा नदी के किनारे ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने का विरोध करते हुए अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है। 
तो चार से पांच गुने में बिकेगी जमीन
बभिया में  जमीन की कीमत 40 हजार रुपये प्रति बीघा है । नदी की सीमा के किनारे वाले किसान यहां सब्जी उगाते हैं। सरदार नरेंद्र सिंह की सवा सौ बीघा जमीन लंबे समय से निष्प्रयोज्य पड़ी थी। सामान्य तौर पर बेचने से उसके रेट 40 हजार रुपये प्रति बीघा भी नहीं मिल पा रहे थे। नगर निगम ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए उनकी जमीन सरकारी मुआवजा दरों पर लगभग डेढ़ से दो लाख रुपये प्रति बीघा खरीदेगा। आरोप है कि ट्रंचिंग ग्राउंड की जमीन खरीद कमीशन का खेल है। निगम का तर्क है कि बभिया के अलावा और जमीन ढूंढे नहीं मिल रही है। 
दोहरा खर्च करना होगा
नगर निगम को यहां ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने के लिए कम से कम दो से तीन किलोमीटर लंबी सड़क बनानी होगी। लाल फाटक से आगे चौबारी होते हुए पुरानी सड़क की मरम्मत होगी। इस पर जमीन खरीद के बराबर लगभग छह से सात करोड़ रुपये खर्च होंगे। दोहरे खर्च के अलावा कूड़ा पहुंचाने के लिए नगर निगम का वाहन डीजल खर्च भी बढ़ेगा। कटरी के इलाके में नगर निगम कर्मचारियों की ग्रामीणों से तकरार भी बढ़ेगी जिससे उनकी सुरक्षा को भी खतरा हो सकता है। 
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