तीन महीने से रिटायर शिक्षक के घर रह रहे नेपाली युवक की रविवार को दिनदहाड़े सीने में गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसका शव दो मंजिल पर बरामदे में पड़ा मिला। मौके से तमंचा और कारतूस समेत ऐसे कई साक्ष्य मिले जो हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं। सीओ के साथ पहुंची फील्ड यूनिट ने मौके पर जांच की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। गृहस्वामी समेत परिवार के अधिकांश लोग घटना के बाद फरार हो गए, पुलिस मृतक का सही नाम पता मालूम कर उसके घरवालों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है।
क्योलड़िया थाने के गांव विक्रमपुर निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक डालचंद गंगवार के यहां तीन माह से मलकेत नाम का नेपाली युवक छत पर बने कमरे में रह रहा था। जबकि गृहस्वामी और उनका परिवार नीचे के हिस्से में रहता है। रविवार पूर्वान्ह 11 बजे डालचंद के घर फायर की आवाज हुई। इसके बाद परिवार के अधिकांश सदस्य घर से चले गए। ग्रामीणों ने शक के आधार पर पुलिस को सूचना दी। थानाध्यक्ष राकेश सिंह यादव फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। देखा तो घर में डालचंद की बुजुर्ग पत्नी और उनके पुत्र देवदत्त की पत्नी ममता ही थीं। नेपाली युवक का शव छत पर बरामदे में पड़ा था। उसके सीने पर बायीं ओर गोली लगी थी जो पीछे निकल गई थी। पास में 315 बोर का तमंचा पड़ा था। कारतूस का एक खोखा तमंचे में फंसा था तो दूसरा शव के पास पड़ा था। ममता ने पुलिस को बताया कि युवक ने आत्महत्या कर ली है। हालांकि ऐसा क्यों किया, यह वो नहीं बता सकीं। पुलिस ने गांव के चौकीदार की ओर से सूचना दर्ज कर शव का पंचनामा भरवाया।
सीओ नरेश कुमार के अलावा फील्ड यूनिट ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। सीओ ने भी इस घटना को हत्या माना और एसओ को खुलासे के निर्देश दिए। पुलिस को शव के पास से मोबाइल या कोई ऐसी चीज नहीं मिल सकी जिससे उसका सही नाम पता मालूम हो सके। जेब में यूनिनार कंपनी का एक सिम मिला जो उस वक्त नेटवर्क में नहीं था। शव का पोस्टमार्टम सोमवार को होगा जिससे पुलिस की जांच को कुछ और आधार मिल सकेगा।
शराब पीने के बाद झगड़े में हत्या की आशंका
शव के पास शराब के दो खाली क्वार्टर पड़े थे तो बह रहे खून पर किसी व्यक्ति के नंगे पैर चलने के निशान भी थे। इससे लग रहा था कि शराब पीने के दौरान हत्या कर कोई निकल गया है। फील्ड यूनिट ने पैर के इन निशानों के फोटोग्राफ लिए। गोली बिल्कुल सीधी मारी गई थी जिसे कोई सामने से ही मार सकता है। आत्महत्या की स्थिति में ऐसा संभव नहीं है। तमंचे से निकला दूसरा फायर दीवार में लगा था।
रुद्रपुर में दोस्ती के बाद आया था साथ
-शिक्षक के परिवार में उनके अलावा उनकी पत्नी, तीन पुत्र छत्रपाल, देवदत्त और पवन के साथ ही देवदत्त तथा पवन की पत्नी रहती हैं। सूत्रों के मुताबिक नेपाली शिक्षक के पुत्र के साथ रुद्रपुर की किसी फैक्ट्री में काम करता था। वहीं इनकी दोस्ती हो गई। करीब तीन महीने से वह शिक्षक के ही घर में रह रहा था। गांव में किसी को यह जानकारी नहीं थी कि आखिर नेपाली युवक इनके यहां लगातार क्यों रहता था और क्या करता था ? पुलिस भी यह जानकारी जुटाने को मशक्कत करती रही।
नेपाली युवक के सीने में गोली लगी है। जिसके घर में गोली लगी है, वह भी गायब है। इसलिए मर्डर की मानकर हम छानबीन कर रहे हैं। जल्द ही घटना का खुलासा भी हो जाएगा- नरेश कुमार, सीओ नवाबगंज