न महिला की मौत का रहस्य खुला, न भ्रूण हत्या की जांच
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मिनी बाईपास रोड पर खुसरो अस्पताल में फतेहगंज पश्चिमी की हीराकली की मौत का रहस्य दफन करने की तैयारी है। स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले को ही ठंडे बस्ते में डाल दिया है जबकि मामला गर्भपात और भ्रूण हत्या से जुड़ा है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि किसी की तरफ से कोई शिकायत न आने के चलते जांच नहीं की जा रही है। अस्पताल का रजिस्ट्रेशन भी डॉक्टर का पैनल न होने पर रद्द किया गया है। इस मामले में सिटी मजिस्ट्रेट को 15 दिन में रिपोर्ट डीएम को देनी थी लेकिन इस पर अब तक कुछ नहीं हुआ है।
फतेहगंज पश्चिमी के अगरास गांव के रामबाबू की पत्नी हीराकली तीन महीने के गर्भ से थी। खुसरो अस्पताल में 17 सितंबर को हीराकली की जान चली गई। पुलिस ने पंचनामे में गर्भपात का जिक्र किया और पोस्टमार्टम ने गर्भाश्य फटने से हुई मौत बताकर भ्रूण हत्या का संदेह और पक्का कर दिया। मामले का संज्ञान लेकर डीएम पंकज यादव ने सिटी मजिस्टेट्र को 15 दिन में जांच रिपोर्ट देने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित नेशनल इंस्पेक्शन एंड मॉनीटरिंग कमेटी (एनआईएमसी) ने भी हीराकली की मौत पर संज्ञान लिया है। कमेटी की सदस्य डॉ. नीलम सिंह ने इस संबंध में डीएम से बात भी की थी।
कोई शिकायत न तो पीड़ित की ओर से आई है और न ही लड़की के परिवार की ओर से इसलिए इसकी कोई जांच नहीं हो रही है।
डॉ. मनोज शुक्ला, प्रवक्ता, स्वास्थ्य विभाग