दीवानी न्यायालय परिसर में शनिवार को लगायी गई राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल डेढ़ लाख तीन सौ तितालीस मामले सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित किए गए।
राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन जनपद न्यायाधीश राजाराम सरोज ने फीता काट कर किया। अपर सत्र न्यायाधीश और नोडल अधिकारी सैयद सरवर हुसैन रिजवी के अनुसार राजस्व विभाग के 85,872 मामले निस्तारित किए गए। इस अवसर पर मोटर एक्सीडेंट क्लेम के 199 वाद निस्तारित किए गए, जिनमें से 14 मामले स्वयं जनपद न्यायाधीश ने निस्तारित किए।
इसमें सबसे उल्लेखनीय मामला ग्राम लभेड़ा के नन्हे का रहा। जिला जज राजाराम सरोज के निर्देशन में अधिवक्ता संजय पाठक और सतेन्द्र जैन की सहमति से अपर सत्र न्यायाधीश पंकज मिश्र ने उसे आठ लाख 25 हजार रुपये की धनराशि इफ्को टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी से दिलाये जाने का आदेश पारित किया। इस दुघर्टना में बाबू शाह, फरजंद अली, व हबीब शाह भी घायल हुए थे।
37 दिन में दिलाया मुआवजा
कर्मकार प्रतिकर आयुक्त के न्यायालय से दुघर्टना में मरे मिनी ट्रक के ड्राइवर आसिफ की बेवा आसमीन, उसके बच्चों व माता-पिता को आठ लाख बीस हजार रुपये व आस मोहम्मद की विधवा राशिदा और उसके बच्चों को सात लाख 25 हजार रुपये श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी से बतौर क्षतिपूर्ति दिलाए गए।
बैंक वसूली में पांच करोड़ 70 लाख
बैंक ों के मामले के प्रीलिटीगेशन पीठ के अध्यक्ष शक्ति सिंह ने बताया कि विभिन्न बैंकों की वसूली के 590 मामले निस्तारित किए गए, जिनसे पांच करोड़ 70 लाख रुपये की वसूली के मामले निपटाये गए। इसमें अकेले बैंक ऑफ बड़ौदा के 364 मामले निस्तारित हुए। इनमें 4.1 करोड़ रुपये जमा करने के आदेश हुए हैं। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के रूप में उन्होंने 2609 मामले निस्तारित किए।
उत्तराधिकारियों को दिलाए 2.78 करोड़
अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) प्रथम सतेन्द्र सिंह वीरवान ने दीवानी के 50 वाद निस्तारित किए, जिनमें 29 उत्तराधिकार प्रमाण पत्र निर्गत करते हुए उनके उत्तराधिकारियों को दो करोड़ 78 लाख 88 हजार की धनराशि निर्गत कराये जाने का आदेश पारित किया।
पति पत्नी और बेटा गए साथ साथ
पारिवारिक न्यायाधीश हरीश कुमार के न्यायालय में तीन वर्ष से तलाक का मुकदमा लड़ रहे संजय नगर के शैलेंद्र गुप्ता और सीमा गुप्ता में सुलह समझौते के बाद उनके पांच वर्ष के बेटे अंशुमन के साथ जाते देखना बेहद खुशनुमा रहा। इसके अलावा उन्होंने तलाक के 21 मामले और भरण पोषण के 97 मामले सुलह समझौते के आधार पर निपटाये। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम अनिल कुमार के न्यायालय से अनुपमनगर के नरेन्द्र पाल सिंह भी दो वर्ष न्यायालय का चक्कर काटने के बाद राष्ट्रीय लोक अदालत में अपनी पत्नी पिंकी के साथ जीवन यापन करने के राजी हुए और हंसी खुशी अपने घर गए। उन्होंने छह तलाक के मामले भी समझौते से तय किए।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कुसुम लता राठौर के निर्देशन में 11,528 मामले लघु फौजदारी के निपटाये गए, जिनमें से तीन हजार से अधिक स्वयं उन्होंने तथा 2609 एसीजेएम प्रथम ने निपटाये। शेष मामले एसीजेएम अंजनी कुमार सिंह, मयूर जैन आदि के न्यायालय से निपटाये गए।
डालसा ने दिया सहारा
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अशोक श्रीवास्तव ने उन लोगों को सहारा दिया जो किसी कारण वश अपनी समस्या का निराकरण नहीं करा सके। पहला मामला बांसमंडी में भुने चना बेचने वाले राजेंद्र प्रसाद का था। उन्होंने मकान बनाने को 2003 में चार लाख रुपये ऋण लिया था। नौ लाख जमा करने के बाद एक मुश्त समाधान योजना में तीन लाख रुपये जमा किए, लेकिन बैंक ने पुन: उन पर एक लाख से अधिक बकाया दिखाया है। यूनियन बैंक की ओर से कोई भी उपलब्ध न होने से इस मामले को सचिव ने अपने स्तर से निपटवाने का आश्वासन दिया।
पुराने नोटों से भर सकते हैं जुर्माना
लीड बैंक मैनेजर ओपी वढेरा ने बताया कि जुर्मानों आदि की रकम एक हफ्ते में जमा की जानी है। जुर्माने की रकम पुराने 500 और 1000 के नोटों के जरिए भी जमा की जा सकती है।