बहेड़ी। भोजीपुरा के गौंटिया गांव में हेयर ड्रेसर ने अवैध संबंधों के शक में पत्नी की गला घोंटकर जान ले ली और शव को कब्रिस्तान में दफन कर दिया। यही नहीं जब घर वालों ने बेटी के बारे में पूछा तो कह दिया भाग गई। घटना के आठ महीने बाद मां की तहरीर पर पुलिस ने पकड़ा तो उसने जुर्म कबूल कर लिया। नायब तहसीलदार की मौजूदगी में बृहस्पतिवार को कब्रिस्तान से महिला शव बाहर निकाला गया।
गौंटिया गांव के शाकिर के बेटे 22 वर्षीय शाहिद की शादी करीब चार साल पहले इटावा के मोहल्ला चौधरी पंप निवासी गफूर की बेटी नगमा के साथ हुई थी। वह अल्मोड़ा में हेयर ड्रेसिंग का काम करता है। नगमा शाहिद से 10 साल बड़ी थी। तीन साल पहले उसने बेटे साहिल को भी जन्म दिया। 29 जनवरी को नगमा की मां जमीला गांव पहुंची तो शाहिद ने पत्नी के किसी के साथ चले जाने की बात कहकर उन्हें भगा दिया। इसके बाद उन्होंने थाने जाकर दहेज एक्ट, गाली गलौज, जान से मारने की धमकी और गायब करने का मुकदमा दर्ज किया था। सीओ नवाबगंज नरेश कुमार के आदेश पर भोजीपुरा के इंस्पेक्टर जेपी यादव ने बृहस्पतिवार को शाहिद को घर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पहले वह पुलिस को गुमराह करता रहा। सख्ती करने पर उसने बताया कि नगमा की हत्या आठ महीने पहले अवैध संबंधों के चलते की है। नगमा की यह तीसरी शादी थी। पहली शादी इटावा में ही गोरा से हुई थी और दूसरी शादी दिल्ली में हुई। उसने दोनों को छोड़ दिया था। इसका पता उसे पहले नहीं था। अब भी कई लोगों के संपर्क से वह बौखला गया था इसलिए भाई जाहिद की मदद से उसे ठिकाने लगाने की योजना बनाई। पिछले साल जून में बाइक से नगमा को भोजीपुरा लाते समय भौना गांव पहुंचा। वहां भाई पहले से मौजूद था। इसके बाद प्लास्टिक की रस्सी से पत्नी का गला घोंट दिया। सांस थम जाने पर दोनों ने उसका शव कब्रिस्तान में दफन कर दिया।
शाहिद के खुलासे के बाद सीओ नवाबगंज, भोजीपुरा, धौराटांडा की पुलिस टीम उसे लेकर बृहस्पतिवार को बहेड़ी थाने पहुंची। इसके बाद मजिस्ट्रेट के रूप में आए नायब तहसीलदार पुलिस टीम के साथ गांव गए। वहां मोअज्जिज लोगों और इमाम की मौजूदगी में कब्रिस्तान में खुदाई कर नगमा के शव को बाहर निकला गया। शव क्षतविक्षत मिला। सभी अंग अलग-अलग थे। पीले रंग का जंफर, बैगनी सलवार और नीला दुपट्टा शव के साथ बरामद हुआ। पुलिस ने शाहिद के खिलाफ हत्या कर लाश छुपाने का मामला दर्ज कर लिया है।
नहीं मारता तो वह मुझे मरवा देती
शाहिद को पत्नी की हत्या करने पर कोई अफसोस नहीं था। पुलिस शव को कब्रिस्तान से निकालने के लिए मजिस्ट्रेट का इंतजार कर रही थी मगर वह जीप के अंदर बैठकर मुस्करा रहा था। उसने कहा कि नगमा के कई लोगों से अवैध संबंध थे। उसे सुधरने के कई मौके दिए। करीब एक साल पहले इटावा में नगमा को पूर्व पति से बात करते देख लिया था। तब सास जमीला और पत्नी नगमा ने उसकी पिटाई कर दी थी।
तय कर लिया था शव कहां दफनाना है
शाहिद ने पुलिस को बताया कि उसे पता था कि यदि पकड़ा गया तो लाश बरामद करने को लेकर पुलिस प्रताड़ित करेगी। इसलिए उसने लाश को भौना गांव के कब्रिस्तान में ठिकाने लगाने की योजना बनाई ताकि दबाव पड़ने पर लाश को आसानी से बरामद कराया जा सके।