यूजर चार्ज माफ कराने बारातघर मालिकों को खाली हाथ लौटना पड़ा। इसे लेकर नगर आयुक्त से बारातघर मालिकों की नोकझोंक हो गई। नगर आयुक्त ने कहा कि कूड़ा उठाने के बदले उनको यूजर चार्ज हर हाल में देना होगा। अगर बारातघर के सामने कूड़ा मिला तो चालान किया जाएगा। अगर, फिर भी नहीं मानें तो बारातघरों का लाइसेंस रद्द किया जाएगा।
बैंक्वट हाल एसोसिएशन अध्यक्ष गोपेश अग्रवाल के नेतृत्व में नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव से मिलने पहुंचे बारातघर मालिकों का कहना था कि अस्पतालों पर छह सौ रुपये और उन पर तीन हजार मासिक यूजर चार्ज लगाया गया है जो कि गलत है। जब वह सीवर टैक्स दे रहे हैं तो कूड़ा उठाने का यूजर चार्ज क्यों दें। नगर आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक मैरिज लान को तय यूजर चार्ज देना होगा। इसमें किसी तरह की कमी नहीं की जा सकती। चार्ज बोर्ड ने लगाया है तो कम भी वहीं से प्रस्ताव पास करके होगा। फिलहाल, यूजर चार्ज माफ कराने गए बारातघर मालिकों को खाली हाथ लौटना पड़ा। मिलने वाले बारातघर मालिकों में अतीत प्रकाश गुप्ता, लईक खां, अनिल अग्रवाल, अतर सिंह, मो. शरीफ आदि शामिल थे।