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बंदरों ने दौड़ाया तो छत से गिरी महिला, मौत

Wed, 23 Mar 2016 02:02 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
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मृतका का घर
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बंदरों की घुड़की से घबराई महिला की मंगलवार सुबह छत से गिरकर मौत हो गई। अचानक सिर के बल छत से आंगन में गिरी महिला को देख घर में मौजूद अन्य लोग सन्न रह गए। 
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किला क्षेत्र के बाकरगंज निवासी हशमत खां के घर इशरत अली मय परिवार के किराए पर रहते हैं। इशरत मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। इशरत की पत्नी 40 वर्षीय शाहजहां उर्फ गुड़िया मंगलवार सुबह साढ़े दस बजे छत पर कपड़े सूखने के लिए डालने गई थीं। अचानक बंदरों का झुंड छत पर आ गया और शाहजहां पर हमला बोल दिया। इससे घबराकर शाहजहां भागीं और आंगन में सिर के बल गिर गईं। जिससे उनका सिर फट गया और मौके पर ही मौत हो गई। शाहजहां के छत से गिरने की तेज आवाज सुनकर घर में मौजूद लोगों के अलावा आसपास के लोग आंगन में आ गए। ऊपर जाकर बंदरों को भगाया गया। महिला की मौत से बाकरगंज के लोगों ने बंदरों के आतंक के प्रति खासा रोष भी जताया। शाम के समय इशरत के शव को मोहल्ले के ही कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक कर दिया गया। 

रोते बिखलते रह गए तीन मासूम बच्चे
शाहजहां की मौत से मोहल्ले वाले भी खासे गमजदा दिखे। साथ ही उसकी 13 साल की बेटी गुलफशा, 12 साल की निशा और 10 साल के बेटे फुरकान का मां की मौत से रो रोकर बुरा हाल था। घर आने वाले आसपास के लोग उन्हें दिलासा दे रहे थे। 
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बंदरों के आतंक से परेशान हैं बाकरगंज वाले
गंदगी के ढेर के बीच बसे बाकरगंज में पहले से ही लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं और अब बंदरों के आतंक से वह खासे परेशान हैं। बंदरों की घुड़की से घबराकर भागने के बाद कई अन्य लोग जख्मी हो चुके हैं। मोहल्ले वालों का कहना है कि बंदर घरों का सामान तक नहीं छोड़ते हैं। छत पर कपड़े साबुत नहीं बचते। बंदर कपड़े फाड़ देते हैं। नगर निगम इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। 

शाहजहां की मौत एक हादसा है। उसके घरवालों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इसलिए पंचनामा भरकर शव परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया गया।  - मुहम्मद कासिम, इंस्पेक्टर किला
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