बिथरी-चैनपुर पुलिस बच्चों की बरामदगी को लेकर संजीदा नहीं है। मनपुरिया दलेल गांव के एक मजदूर की मासूम बेटी कोहिनूर को घर के आंगन से अगवा हुए सात महीने गुजर गए, लेकिन उसकी अब तक बरामदगी नहीं हो पाई है। पिता कदीरउद्दीन ने पड़ोस की महिला, उसके दो बेटों और दामाद पर बेटी को अगवा करने का शक जाहिर किया था, लेकिन पुलिस ने अब तक उनमें से किसी को उठाकर पूछताछ की जहमत नहीं उठाई है।
ग्राम मनपुरिया दलेल से 22 अगस्त 2016 को कदीरउद्दीन की आठ साल की बेटी कोहिनूर को घर के आंगन से अज्ञात लोग उठा ले गए थे। अगले दिन उसे अगवा होने की जानकारी मिली थी। कोहिनूर के पिता के कपड़ों से रुपये भी गायब थे, इसलिए परिवारवालों को पहले दिन से कोहिनूर के अपहरण की आशंका लग रही थी। हालांकि पुलिस ने परिवारवालों की एक नहीं सुनी। गुमशुदगी लिखकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। कोहिनूर अखबार की सुर्खियां बनीं तो पुलिस ने अपहरण का मामला तो दर्ज कर लिया, लेकिन बरामदगी के लिए ठोस प्रयास नहीं कि ए, जबकि कोहिनूर के परिवार ने घटना के दो दिन बाद ही पड़ोस की महिला पर अगवा करने का शक जाहिर किया था।
यह है पिता का तर्क
घटना के पीछे कदीरउद्दीन का तर्क यह है कि महिला के पति की आम शोहरत अच्छी नहीं है। वह चोरी के कई मामलों में प्रकाश में आया है। घटना से दो दिन पहले वह लौकी और कद्दू बेचने मिनी लोडर से बदायूं गए थे। सब्जियां परसोना गांव के ठेकेदार की थीं। मंडी में सब्जियां नहीं बिकने की वजह से कदीरउद्दीन बदायूं में ही ठेकेदार के रिश्तेदार के घर रुक गए थे। शाम को कदीरउ्ददीन की पत्नी अफसाना ने बेटे को महिला के घर भेज दिया। महिला ने फोन कर बताया कि कदीरउद्दीन थोड़ी देर में आने वाले हैं। इसके पंद्रह मिनट बाद कदीरउद्दीन घर आ गए। कदीरउद्दीन का आरोप है कि महिला के पति को यह लग रहा था कि वह सब्जियां बेचकर आया है, इसलिए घर में पैसा होगा। चोरी की नीयत से महिला का पति उनके घर में घुसा होगा। कोहिनूर आंगन में सो रही थी। आहट सुनकर जागने पर उसने महिला के पति को पहचान लिया। भेद खुलने के डर से आरोपी उसकी बेटी को अगवा कर ले गया। इसके बाद उसने बेटी को मारकर गड्ढे में दबा दिया। घटना के बाद महिला ने अपने घर का नीम का पेड़ पर भी कटवाकर नया शौचालय बनवाया है। उसे शक है कि कोहिनूर का शव पति ने महिला, दामाद और बच्चों की मदद से पेड़ या शौचालय के गड्ढे में डाल दिया है। पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं क र रही है। महिला समेत चार लोगों के नाम उन्होंने पुलिस को दिए थे। उनमें से किसी से अब तक कड़ाई से पूछताछ नहीं की गई है। चारों से पूछताछ करने पर कोहिनूर का सुराग मिल सकता है।
होली से पहले हमने एसएसपी से मिलकर अपनी बात रखी थी। इसके बाद उन्होंने पुलिस की एक टीम गांव भेजी थी। टीम को हमने सब बता दिया था। इसके बाद से कोई नहीं आया। बिथरीचैनपुर पुलिस बेटी को बरामद करने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं कर रही है। -अफसाना, कोहिनूर की मां