एक गांव में मासूम की दुष्कर्म के बाद गला दबाकर हत्या करने के आरोपी विकास को पुलिस ने कई दिन की मशक्कत के बाद नोएडा से पकड़ लिया। हालांकि पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी आंवला से दिखाई है। एसपी देहात ने पुलिस लाइन में घटना का खुलासा किया। विकास ने अपना जुर्म स्वीकारते हुए कहा कि वह जीजा को फंसाना चाहता था, इसलिए वारदात को अंजाम दिया। हालांकि बाद में उसे पछतावा हुआ। विकास मूलरूप से दातागंज (बदायूं) के गांव बेलाडांडी का रहने वाला है।
आठ साल की बच्ची 11 दिसंबर की शाम लापता हो गई थी। 14 तारीख को उसका शव गन्ने के खेत में मिला। गले पर लाल रूमाल कसा था। अमर उजाला ने ऐसा ही रूमाल बांधे एक युवक को घटनास्थल के आसपास देखे जाने की खबर छापी तो पुलिस को खुलासे की राह मिली। विकास बच्ची के पड़ोस में अपनी बहन के घर आया था और बाद में गायब हो गया।
पुलिस की जांच के वक्त डॉग स्क्वॉड उसकी बहन के घर में घुसा तो यह परिवार पुलिस के शक के दायरे में आ गया। विकास ने बताया कि उसके पिता ने अपना उझानी (बदायूं) का मकान बेचा था। इसके साढ़े चार लाख रुपये बहनोई ने धोखे से ले लिए थे। लिहाजा उन्हें फंसाने के लिए उसने यह घटना की।
बताया, वह नशे में गांव के बाहर पुलिया पर बैठा था। बच्ची वहीं खेल रही थी। वह उसकी परिचित थी और उसे मामा कहती थी। उसने बच्ची से पड़ोस के खेत से गन्ना लाने को कहा। बच्ची खेत में गई तो वह भी पीछे से पहुंच गया। वहां उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर रूमाल से गला दबाकर मार डाला। हड़बड़ी में रूमाल वहीं छूट गया।
वारदात को अंजाम देने के बाद वह बहन के घर पहुंचा और नाश्ता करके ट्रेन से मुरादाबाद चला गया। वहां दूसरी बहन के घर रहा। पता लगा पुलिस खोज रही है तो नोएडा में माता-पिता के पास चला गया।सीओ आंवला आलोक अग्रहरि ने बताया कि आरोपी पर दुष्कर्म, हत्या के साथ ही पॉक्सो एक्ट भी लगाया गया है।