बरेली। भोजीपुरा की एक नाबालिग लड़की की बहेड़ी के लड़के से मिस्ड कॉल के बाद संपर्क होने पर बात शुरू हुई और दोनों ने एक साथ जीने मरने की कसमें खा लीं। एक सप्ताह पहले दोनों शादी का इरादे से घर से निकल गए। परिवार वालों ने मुकदमा लिखाया तो लड़की को लड़के ने भेज दिया। बाल कल्याण समिति को लड़की के भविष्य पर फैसला करना है।
करीब छह महीने पहले भोजीपुरा की लड़की के फोन पर बहेड़ी के लड़के की मिस्ड कॉल आई और बात होने लगी। जरा की उम्र में लड़की ने लड़के के साथ जिंदगी गुजारने का फैसला कर लिया। पुलिस के पास पहुंची तो उसकी मांग में प्रेमी के नाम का सिंदूर लगा था। परिवार वालों ने उसे हटाने की कोशिश भी की, लेकिन उसने विरोध कर दिया। हालांकि उनसे घर चलने का वादा कर लिया। उसके मन में क्या है, यह तो बयान होने के बाद ही पता लग पाएगा। बुधवार को विवेचक लड़की का मेडिकल कराने के बाद उसे बाल कल्याण समिति के सामने पेश करने लाए तो दोनों तरफ से अधिवक्ता थे। लड़के की तरफ से एक अधिवक्ता थे। जबकि लड़की की तरफ से दो अधिवक्ता, लेकिन बाल कल्याण समिति का दफ्तर न खुल पाने की वजह से दरोगा को लड़की को वापस ही जाना पड़ा। दरोगा ने परिवार वालों के साथ जाने से इनकार करने पर लड़की को नारी निकेतन में रखने की कोशिश की, लेकिन इसके लिए लड़की तैयार नहीं हुई। बाद में लड़की को परिवार वालों के साथ ही जाना पड़ा। बृहस्पतिवार को लड़की को फिर से बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया जाएगा। यहीं से उसकी सुपुर्दगी पर फैसला होना है।