सीबीगंज इलाके में सपा नेताओं और पुलिस के संरक्षण में खनन का धंधा चल रहा है। खनन के नंबर दो के इस धंधे का असली हीरो नरेश यादव बताया जा रहा है। पप्पू और श्रीकृष्ण भी उसके गैंग का हिस्सा है। सपा नेताओं की मेहरबानी की वजह से उसके खिलाफ कार्रवाई ही नहीं हो पाती है। वर्चस्व की लड़ाई में कई बार फायरिंग की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन यह मामला ले देकर निपट जाता है।
रविवार को नारद यादव के खेत से खनन करके मिटटी भरकर शहर में डालने ले जाने के लिए सराफ तलफी गांव के ही पप्पू और श्रीकृष्ण के ट्रैक्टर-ट्राली चल रही थी। हालांकि यह मिटटी नरेश यादव ने उन्हें खरीदकर दी थी। नरेश का एक जिला पंचायत सदस्य से करीबी नाता है। उनके पास खनन का हिस्सा पहुंच रहा है। उसके भाई रमेश भी धंधे में काम बंटाता है। श्यामवीर, भरत सिंह, दुर्वेश, जसवीर, कल्लू, मचल सिंह और अक्षित के नाम भी खनन करने वालों में शामिल हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक ग्राम सिठौरा के नंदन कनौजिया, अशोक और महेंद्र का नाम भी खनन वालों में हैं। ग्रामीणों ने बताया कि वह सरगना की भूमिका भी निभाता है। वही किसानों से खेत की मिट्टी खरीदकर देता है। करीब 12-13 हजार रुपये में एक फीट मिटटी खरीदी जाती है। इसमें राजस्व विभाग कुछ लोगों का बीघा से हिसाब से रुपये मिलते हैं। पोल खुलने के बाद पुलिस अब कार्रवाई क रने की तैयारी कर रही है।
एक दिन में तीन मुकदमे लिखे गए थे
-सराफ तलफी गांव तो अवैध खनन का सेंटर है। यहां 17 जून को वर्चस्व की लड़ाई में इस गांव में फायरिंग हो गई थी। इस दौरान बलवा होने पर सुनील यादव की तरफ से जसवीर, मचला सिंह, दुर्वेश, कल्लू, श्माम सिंह, भारत सिंह, पप्पू, नरेश कुमार और अक्षित के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। इसी दिन बाबू सिंह की तहरीर पर कल्लू, जसवीर, श्याम सिंह, भारत सिंह, मचला सिंह, दुर्वेश और अक्षित के खिलाफ जानलेवा हमला करने के आरोप में मुकदमा लिखा गया था। तीसरा मुकदमा पिंटू की तहरीर पर चरन सिंह, अरुण, रामपाल, रमेश, नरेश और पप्पू के खिलाफ लिखा गया था।
हर ट्राली पर पुलिस का 200 रुपये टैक्स
-थाना सीबीगंज इलाके के ग्राम सराफ तलफी के अलावा घुन्सा, रोठा, परधौली, अटा, लटूरी, बिबियापुर, परसाखेड़ा, ठिरिया, बादशाह नगर, सनईया रानी, ऐना बहजुईया जोगीठेर में मिट्टी का अवैध तरीके से खनन हो रहा है। शाम होते ही मिटट्ी के भरे ट्रैक्टर-ट्राली सड़कों पर दौड़ने लगते हैं। रात भर चलने के बाद सुबह बंद कर दिए जाते हैं। सूत्रों के मुताबिक एक ट्राली की मिटटी एक हजार रुपये तक बिक रही है। इसमें 200 रुपये प्रति ट्राली पुलिस को देनी होती है। इसके अलावा और भी तमाम ऐसे लोगों को खनन माफिया मैनेज करते हैं, जिनसे उनके पकड़े जाने का खतरा है।
दरोगा के प्लाट में जा रही थी मिट्टी
-पप्पू और श्री कृष्ण के ट्रैक्टर-ट्राली से दरोगा के प्लाट में मिट्टी जा रही थी। पूरी रात उनके प्लाट में मिटटी डालने का सिलसिला चलता रहा। रविवार को कुलदीप की मौत होने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंच ट्रैक्टर-ट्राली को कब्जे में लेकर सीज कर दिया।
सीओ पर भी हो चुका है हमला
जोगीठेर के पास रामगंगा में अवैध खनन करके माफिया सरनिया गांव से हाइवे पर आ जाते हैं। दो साल पहले तत्कालीन सीओ द्वितीय अखंड प्रताप सिंह ने खनन की ट्रालियों को पकड़ने की कोशिश की थी। माफियाओं ने सीओ को दौड़ाकर हमला कर दिया था।
मैपिंग कराकर कार्रवाई होगी: एसडीएम
-एसडीएम सदर अपूर्वा दुबे ने बताया कि सोमवार को तहसीलदार की अगुवाई में टीम भेजकर रामगंगा किनारे के उस स्थान की मैपिंग कराई जाएगी। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।