छुट्टी न मिलने पर एक नौकरानी ने घर में रखी चूहे मार गोलियां खां लीं। इससे उसकी हालत बिगड़ गई। इससे घबराए गृहस्वामी ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के बाद उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
मामला गोल्डन ग्रीन पार्क का है। यहां रहने वाले अधिवक्ता अमर भारती की पत्नी रेखा लंबे समय से बीमार चल रही हैं। उनकी देख रेख के लिए उन्होंने कैंट क्षेत्र के चनहेटा निवासी रोबिन की पत्नी जोया को रख लिया। जोया अधिवक्ता की पत्नी की दो साल से देखरेख करती है। उसको बतौर चार हजार रुपये महीना तनख्वाह दी जाती है। रविवार सुबह जोया ने गांव जाने के लिए छुट्टी मांगी। इस पर गृहस्वामी ने नोएडा से बेटे अमन के आने की बात कहते हुए छुट्टी देने से मना कर दिया। इससे गुस्सा कर जोया ने घर में रखीं चूहे मार गोलियां खां ली। जिससे उसकी हालत बिगड़ने लगी। यह देख उसे बीसलपुर रोड स्थित निजी अस्पताल लाया गया। गृहस्वामी ने उसका इलाज कराया, जहां कंट्रोल होने के बाद उसकी हालत में सुधार आया। जोया ने पुलिस को दिए गए बयान में बताया कि उसे गांव जाने के लिए छुट्टी नहीं दी गई, इसलिए उसने जान देने की कोशिश की। इस पर पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी।
एसी में चूहे मारने के लिए रखीं थीं गोलियां
अधिवक्ता अमर भारती के घर में लगी एसी में चूहे हो गए थे, जिन्हें मारने के लिए चूहे मार गालियां रखी थीं। जिनमें से बचीं दो गोलियां जोया ने छुट्टी न मिलने पर खा लीं और उसकी हालत बिगड़ गई।
बुधवार, शुक्रवार को जोया गई थी घर
जोया घर में परिवार के सदस्य की तरह रहती है, जो खाना परिवार के लिए बनता है, उसको खिलाया जाता है। चार हजार रुपये महीना तनख्वाह भी दी जाती है। छुट्टी के लिए कभी मना नहीं किया जाता। पिछले दो साल से किसी भी तरह की दिक्कत नहीं आई। बुधवार और शुक्रवार को जोया छुट्टी लेकर गांव गई थी और शनिवार को ही लौटी थी। मेरी पत्नी की हालत कुछ सीरियस हुई तो उसे रविवार को छुट्टी से मना कर दिया था।
अधिवक्ता अमर भारती, गृहस्वामी
नौकरानी जोया ने बयान में छुट्टी न मिलने पर चूहे मार गोलियां खाकर जान देने की कोशिश करने की बात कही है। उसका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। उसके बयान दर्ज करने के साथ ही सभी पक्षों से पूछताछ कर छानबीन की जा रही है।
संजय सिंह, इंस्पेक्टर बारादरी