रामपुर बाग में सरेशाम सराफ को बंधक बनाकर लूटपाट करने की घटना एक सबक है। दूसरी कालोनियों में भी सुरक्षा के इंतजाम इतने नहीं कि बड़ी वारदातों को रोका जाए। कालोनियां कितनी सुरक्षित हैं अमर उजाला ने यह जानने की कोशिश की तो हालात बहुत अच्छे नहीं दिखे। पहले दिन मंगलवार को दो कालोनियों महानगर और सिल्वर स्टेट में अमर उजाला टीम पहुंची। वहां कुछ इंतजाम तो मिले लेकिन सुरक्षा के लिहाज से पर्याप्त नहीं दिखे-
महानगर कॉलोनी
32 गार्ड फिर भी चोरी हो जाती है
महानगर कॉलोनी में यूं तो 32 गार्ड तैनात हैं। 16 दिन में रहते हैं और 16 रात में। टोकाटाकी के सिवा वह कुछ नहीं कर पाते हैं। इसके पीछे वजह यह है कि कॉलोनी के मेनगेट से ही धौरहरा गांव को रास्ता जाता है। यहां जिसकी कार और बाइक रोक देते हैं वह गार्ड को आंखें दिखाने लगता है। कॉलोनी की चहारदीवारी नहीं है। धौरहरा गांव के अलावा छोटी बिहार, पहाड़गंज और बिचपुरी नवादा गांव के लिए कॉलोनी से आने-जाने का रास्ता खुला है। टेंपो के ही आने-जाने की एंट्री सुरक्षा गार्ड कर पाते हैं। सीसीटीवी कैमरा गेट पर लगा है, लेकिन वह पेट्रोल पंप वालों ने लगवाया है।
बंद पड़े हैं 200 मकान
-महानगर कॉलोनी में 200 मकान बंद पड़े हैं। यह मकान ऐसे लोगों के हैं जिन्होंने रहने के लिए नहीं बल्कि कमाई के लिए खरीद रखे हैं। वह अच्छे दाम मिलने का इंतजार कर रहे हैं। उधर, 200 लोग मेंटीनेंस शुक्ल भी कमेटी को नहीं दे रहे हैं। जिसकी वजह से आए दिन विवाद की स्थिति बनी रहती है।
कॉलोनी के लोगों की सुरक्षा के लिए 32 गार्ड लगे हैं। इन पर मेंटीनेंस शुल्क की रकम खर्च होती है। चहारदीवारी न होने से लोगों की सुरक्षा का खतरा बना रहता है। पुलिस भी कभी-कभार ही राउंड लेने के लिए आती है। कई बार कॉलोनाइजर से चहारदीवारी के लिए कहा भी गया। एक बार फिर से सुरक्षा के पहलुओं को कमेटी के लोगों के साथ बैठकर बात करेंगे
-सुरेश सिंह राठौर, अध्यक्ष, महानगर जन कल्याण सद्भावना कमेटी
आवास-1600
गेट-02
मेंटीनेंस शुल्क-630
गार्ड- 32
सीसीटीवी कैमरे- व्यक्तिगत घरों में करीब 20 कैमरे हैं।
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सिल्वर स्टेट कॉलोनी दो गार्डों के हवाले
सिल्वर स्टेट कॉलोनी की सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ दो सुरक्षा गार्डों के हवाले हैं। एक गार्ड दिन में रहता है, दूसरा रात को। मंगलवार को सुरक्षा व्यवस्था की पड़ताल के दौरान देखा गया तो गार्ड गायब मिला। बाद में पता लगा कि गार्ड की पत्नी की तबियत खराब है। यहां सुरक्षा के नाम पर अंजान कुछ लोगों से ही टोकाटाकी कर पाता है। बाकी किसी से कुछ नहीं कह पाता है। गेट पर सोसायटी ने सीसीटीवी कैमरा लगवाकर उसका मानीटर कैफे संचालक के यहां रखवा रखा है।
आवास-72
गेट-एक
मेंटीनेंस शुल्क-350
सीसीटीवी- गेट पर एक कैमरा, घरों में कुछ ने लगवाए हैं।
यहां तो सीनियर सिटीजन के आशियाने हैं
सिल्वर स्टेट में ज्यादातर सीनियर सिटीजन ने अपने आशियाने बना रखे हैं। इनमें कई परिवार तो फौजियों के हैं। सोसायटी में भी कई फौज से रिटायर अधिकारी जुड़े हैं। अस्सी साल के सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी का कहना था कि यहां के लोग सुरक्षा को लेकर बेहद संजीदा रहते हैं। पुलिस भी बुजुर्गों का हालचाल लेने आती रहती है।
-हमारी कॉलोनी में बुजुर्ग रहते हैं, लेकिन अभी तक कोई इंसीडेंट नहीं हुआ है। महानगर कॉलोनी की तरफ रास्ते खोल देने के बाद कॉलोनी के लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता होने लगी है। डे-नाइट दो सुरक्षा गार्ड हैं। समिति के लोग भी सुरक्षा पर पूरी तरह से नजर रखते हैं-वीपी सक्सेना, रिटायर डिप्टी बीएसए, अध्यक्ष, सिल्वर स्टेट कॉलोनी विकास समिति