Married, two years together, refuse relationships now
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
शादी के दो साल बाद साजिश का शिकार हुई विवाहिता इंसाफ के लिए भटक रही है। बिहारीपुर स्थित आर्य समाज मंदिर में शादी के बाद वह दो साल तक दिल्ली में पति के घर में रही, लेकिन अब ससुर और परिवार पहचानने से इंकार कर रहा है। परिवार उन तस्वीरों को भी नकार रहा है, जिनमें उसका पति मंगलसूत्र पहना रहा है। यहां तक कि पिछले नौ महीनों से पीड़िता का पति भी लापता है। पीड़िता ने एसएसपी कार्यालय में इंसाफ की गुहार लगाई है।
यह प्रकरण परिवार परामर्श केंद्र भेजा गया। काउंसलर खलील कादरी ने बुधवार को पीड़िता के पति और ससुर को सुनवाई के लिए बुलवाया था, लेकिन वह पहुंचे नहीं। अब काउंसलर दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की तैयारी कर रहे हैं। एफ-3 ब्लॉक नंबर 24 कल्याण दास दिल्ली के रहने वाले अनूप कश्यप पुत्र सुभाष चंद्र की दादी अलखनाथ मंदिर के पास मुहल्ला जटवारा में रहती है। पड़ोस में यादव जाति का परिवार रहता था, जिनकी बेटी से उनका प्रेम संबंध हो गया। पीड़िता ने बताया कि पहले दोनों के परिवार शादी के लिए तैयार नहीं थे, हालांकि बाद में वह मान गए और आर्य समाज मंदिर बिहारीपुर में दोनों का विवाह हुआ। इसके बाद दोनों दिल्ली जाकर रहने लगे।
पति है फार्मासिस्ट
पीड़िता ने बताया कि उसका पति मैक्स अस्पताल में फार्मासिस्ट और ससुर एलएनजीपी अस्पताल में कार्यरत हैं। पीड़िता के अनुसार, उसे बाहरी लोगों से मिलने नहीं दिया जाता था। ससुर की बंदिश थी कि घर की महिलाएं किसी से नहीं मिलेंगी। एक तरह से उसे कैद में ही रखा जाता रहा।
पति पिथौरागढ़ में, अब दूसरी शादी की तैयारी
पीड़िता के मुताबिक, 28 अगस्त 2016 को अचानक उसका पति लापता हो गया। दिल्ली में गुमशुदगी भी दर्ज करवाई गई। वह पति को ढूंढने के लिए भटकती रही, लेकिन ससुर और परिवार परेशानी में नजर नहीं आया। शक होने पर उसने पति के रिश्तेदारों से पूछताछ की तो सामने आया कि ससुर ने ही उसके पति को पिथौरागढ़ में रखा हुआ है। अब उसकी दूसरी शादी की तैयारी की जा रही है। काउंसलर चाहते हैं कि दोनों पक्षों की सामने बैठाकर बात करवा दी जाए, लेकिन पति का पक्ष सामने नहीं आ रहा है।