एक साल पहले लापता नाबालिग बहनों को चाची सीमा से खरीदने के बाद धर्मपाल और राजा उन्हें नोएडा ले गए। वहां उन्होंने दोनों को खोड़ा कॉलोनी में किराए के मकान में अपने पास रखा। धर्मपाल की बहन से प्रेम विवाह करने के बाद उसी के गांव फैजुल्लापुर का रहने वाला नेमचंद्र उर्फ छोटे गंगवार को भनक लगी तो वह उनके कमरे पर पहुंच गया।
धर्मपाल और छोटे के पास अलीगढ़ के थाना दादो के अटा गांव के वीरेंद्र सिंह का आना-जाना था। वीरेंद्र को किसी तरह खबर लगी उसने दोनों की सौदेबाजी करनी शुरू कर दी। धर्मपाल, राजा और छोटे से सौदा करने के बाद वीरेंद्र कुमार दोनों नाबालिग बहनों को अपने साथ अटा गांव ले गया। वहां उसने अपने चचेरे भाई प्रेमवीर के साथ बड़ी लड़की और उसके भाई हेमेंद्र कुमार के साथ छोटी की शादी करा दी। यह दोनों ही भाई इन दिनों नरौरा, बुलंदशहर में एक होटल पर खाना बनाने का काम कर रहे थे। पुलिस ने वहीं से दोनों को दबोचने के बाद लड़कियों को बरामद किया। मजबूरी में यह दोनों लड़कियां कई बार बिकीं।
किसी से बात करने की नहीं थी इजाजत
लड़कियों ने आपबीती सुनाई तो पुलिस के अधिकारी भी हैरान रह गए। लड़कियों ने बताया कि शादी होने के बाद उन्हें कैद रखा जाने लगा। गांव की किसी महिला से उन्हें बोलने की इजाजत नहीं थी। हमने तो घर वापस लौटने के सपने देखने भी बंद कर दिए थे। नरौरा में अचानक पुलिस देखी तो उन्हें लगा घर वाले अभी भी हमें तलाश कर रहे हैं।
बड़ी लड़की का तो बेटा भी है
-शादी होने के बाद दोनों बहनों ने बेटों को जन्म दिया। बड़ी बहन का बेटा दो महीने का है। जबकि छोटी के बेटे की मौत हो गई है। पढ़ने-लिखने की उम्र में बेटी को जन्म देने वाली इन नाबालिग बहनों को लेकर तमाम सवाल खड़ेे हो रहे हैं। बड़ी लड़की के बेटे का क्या होगा। कोर्ट ही अब उसके संरक्षण का फैसला करेगी।