एक महिला ने सोमवार रात मायके में फांसी लगाकर जान दे दी। उसके पिता ने मृतका के पति, जेठ और देवर के खिलाफ मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। देवर पर महिला से रेप का भी आरोप लगाकर पहले मुकदमा दर्ज कराया गया था।
मीरगंज के परौरा गांव निवासी मुर्शीद और फातिमा बी का निकाह 20 सिंतबर 2015 को हुआ था। आरोप है कि शादी के कुछ दिन बाद ही ससुराल वाले दहेज में स्कार्पियो गाड़ी मांगने लगे। इसके लिए फातिमा बी को प्रताड़ित किया जाने लगा। उसे आए दिन पीटा जाता था। इससे गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई थी। देवर अर्शत अली पर बलात्कार और पति मुर्शिद पर अप्राकृतिक योन संबंध बनाने का आरोप है। पांच जुलाई को फातिमा को पीटकर घर से निकाल दिया था, जिसके बाद से वह मायके में रह रही थी। कोर्ट के आदेश पर 30 अगस्त 2016 थाना मीरगंज में मारपीट, बलात्कार और दहेज अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें शेरगढ़ कस्बे के मोहल्ला कावर निवासी फातिमा के पति मुर्शीद अली, जेठ अजहर अली, सास सुरैया, ननद असरद बानो व खुशनुमा और जेठानी मुमताज को नामजद किया गया था। मायके वालों के मुताबिक 3 सिंतबर 2016 को मीरगंज थाने में फातिमा के बयान दर्ज किए गए थे। इसका पता लगने पर पांच सितंबर की शाम मुर्शीद अली, उसका बड़ा भाई अजहर और पिता जाहिद अली शेरगढ़ फातिमा के मायके जा धमके। उस वक्त घर के लोग काम से गए थे। फातिमा घर में अकेली, जिससे पति, जेठ और ससुर ने जिल्लत भरी बातें कर अभद्रता की। दुबारा थाने में बयान देने और कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाने पर फातिमा और उसके इकलौते भाई चांद मियां को जान से मारने की धमकी दी और चले गए। मां नाजमा बी, भाई चांद मियां, पिता छोटे मियां के घर लौटने पर फातिमा ने घटना जानकारी दी। पति और उसके घरवालों की अश्लील बातें फातिमा बर्दाश्त नहीं कर पाई और रात में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसके भाई चांद मियां की तहरीर पर मुर्शिद, अजहर और जाहिद के खिलाफ शेरगढ़ थाने में नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया।