शीशगढ़। सीमा ने जिसकी खातिर अपने पिता का घर छोड़ा और ताने झेलकर शादी की उसी ने चार महीने बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। वह घुमाने के बहाने उसे जयपुर ले गया। वहां होटल में नशे की गोलियां खिलाकर गला कस दिया और शव जंगल में फेंक आया। घटना के चार महीने बाद पति की गिरफ्तारी हुई तो सच सामने आ गया।
मोहल्ला अगवाड़ा निवासी जलील अहमद की बेटी सीमा ने पिछली साल जून में थाना शाही के गांव दुनका निवासी ट्रक ड्राइवर कफील अहमद से प्रेम विवाह किया था। कफील उसे अपने गांव ले आया। अक्तूबर में सीमा गायब हो गई। उसका फोन भी नहीं लगा तो पिता जलील अहमद ने खोजबीन शुरू की। उन्होंने सात जनवरी को शीशगढ़ थाने में पति के घर से बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने काल डिटेल के आधार पर जांच आगे बढ़ाई तो कफील को पकड़ लिया। शुरू में इधर-उधर की बात करने पर उसने सच उगल दिया। कफील के अनुसार वह सीमा पर शक करता था, इसलिए उसे ठिकाने लगाने का मन बना लिया। दस अक्तूबर को वह उसे शीशगढ में अपने साढ़ू के घर से बुलाकर ले गया। पहले उसे रामपुर के होटल में रोका और फिर राजस्थान ले गया। अलवर जिले के थाना नीमराना के पास एक होटल में ठहरा और सीमा को पानी में नशे की गोलियां खिला दीं। नशा हो जाने पर जंगल में ले जाकर उसी के दुपट्टे से गला दबाकर हत्या कर दी। शिनाख्त न हो, इसलिए पत्थर से चेहरा कुचल दिया और झाड़ी में शव फेंककर घर आ गया। उधर, नीमराना पुलिस ने जंगल में मिले शव की शिनाख्त न होने पर अज्ञात में उसका दाह संस्कार करा दिया। उसके कपड़े, सैंडल आदि रख लिए जिन्हें देखकर सीमा के भाई तफसीर ने उनकी पहचान की।
पिता बोले- दहेज की खातिर की हत्या
सीमा के पिता जलील अहमद का कहना था कि प्रेम विवाह के कारण कफील को उन्होंने कोई दहेज नहीं दिया था। निकाह के कुछ दिन बाद ही कफील ने सीमा को दहेज की खातिर परेशान करना शुरू कर दिया। सीमा ने उन्हें फोन पर यह बात बताई थी। वह पुलिस से मांग करेंगे कि मामला दहेज हत्या में तरमीम किया जाए।
- गुमशुदगी पहले से दर्ज थी। हत्या के साक्ष्य मिलने के बाद हत्या में कफील के खिलाफ मुकदमा तरमीम कर दिया गया। थाना नीमराना से संबंधित अभिलेख मांगे हैं। विधिक कार्रवाई से इन्हें हासिल करने के बाद विवेचना आगे बढ़ाई जाएगी।
- सुरेंद्र सिंह पवार, थाना प्रभारी