नीली बत्ती लगी बोलेरो में आए बदमाशों ने खुद को आरटीओ बताकर दस टायरा ट्रक लूट लिया। रविवार रात उन्होंने नैनीताल रोड पर परोही फार्म स्थित खालासा ढाबे के पास ट्रक को रोककर ड्राइवर और हेल्पर को बंधक बना लिया। इसके बाद उन्हें बोलेरो में डालकर गुडवारा गांव के पास फेंक गए। सोमवार सुबह बिलासपुर पुलिस ने ट्रक को जंगल से बरामद कर लिया। देर शाम बहेडी पुलिस ने ट्रक की बरामदगी दिखा दी।
नरियावल निवासी अशफक अहमद के ट्रक को ड्राइवर सोमपाल चलाता है। उसके साथ कैमरी गांव का हेल्पर अजीत भी था। दोनों रविवार रात बरेली से लालकुंआ जा रहे थे। करीब 12 बजे परोही फार्म के निकट खालसा ढाबे के पास नीली बत्ती लगी बोलेरो गाड़ी ट्रक के आगे रुक गई।
उसमें सवार एक युवक ने आरटीओ के होने की बात बताकर ड्राइवर से कागज दिखाने को कहा। ड्राइवर और हेल्पर जैसे ही ट्रक से उतरे बदमाशों ने उन्हें पीटकर बोलेरो में डाल दिया। इसके बाद गुडवारा गांव में गन्ने के खेत में फेंक गए। दोनों किसी तरह थाने पहुंचे मगर पुलिस को उनकी बातों पर भरोसा नहीं हुआ और भाग दिया।
ड्राइवर ने सिपाही के फोन से ही अपने मालिक को घटना की जानकारी दी। राजनीतिक दबाव के बाद पुलिस हरकत में आ गई। सोमवार सुबह बिलासपुर पुलिस ने ट्रक के जंगल में खड़े होने की सूचना बहेड़ी पुलिस को दी। देर शाम को पुलिस ने ट्रक की बरामदगी दिखाकर अपना गुडवर्क दिखा दिया।
नैनीताल रोड की पिकेट पुलिस क्या कर रही थी
बहेड़ी। नैनीताल रोड के बार्डर पर पुलिस का बैरियर है। बदमाश इसी बैरियर को पार करते हुए ट्रक लेकर चले गए। जिस खालसा ढाबे के पास ट्रक लूटा गया वहां रात की पिकेट ड्यूटी पर तैनात एक सिपाही और होमगार्ड रोजाना घूमते हैं। इसके बावजूद बदमाश ट्रक लूट ले गए।