वन्य जीवों की खाल और मांस की तस्करी के आरोप में फरार प्रशांत विश्नोई के तार पीलीभीत के जंगलों से जुड़ रहे हैं। आईबी के मुताबिक पीलीभीत के जंगलों में प्रशांत विश्नोई के छुपे होने की आशंका है। अंदेशा है कि पीलीभीत और लखीमपुर के जंगलों में भी प्रशांत तेंदुए, हिरन और सांभर का शिकार कर चुका है। डीआरआई, वन विभाग और पुलिस की छापेमारी में प्रशांत के घर से तेंदुए, काला हिरण, सांभर की खोपड़ियां बरामद हुई थी। यहां के गेस्ट हाउसों में पार्टियां भी करता रहा है। वन कर्मियों से उसके रिश्तों की भी जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार पीलीभीत के जंगलों में प्रशांत अजनबी मेहमानों के साथ देखा जा चुका है। जंगल में बने गेस्ट हाउस में रात मेें पार्टियों के आयोजन होते थे। इन पार्टियों में वन्य जीवों के मांस के शौकीन व्यवसायी और बड़े चेहरे छद्म नामों के साथ शरीक हुआ करते थे। प्रशांत के सोशल नेटवर्किंग साइट के अकाउंट भी इसकी पुष्टि करते हैं। जिनमें प्रशांत आलीशान कोठियों की बजाय जंगल में लकड़ी के बने मकान में रहने की इच्छा जाहिर कर रहा है। वन विभाग की मदद से जंगलों के आस-पास प्रशांत विश्नोई की तलाश की जा रही है।
कहीं नेपाल तो नहीं भाग गया प्रशांत
डीआरआई के छापामारी से ठीक पहले मेरठ से फरार हुए प्रशांत की खोजबीन में लगी खुफिया इकाईयों को अंदेशा है कि प्रशांत पीलीभीत और लखीमपुर के जंगलों में वन्य जीवों के शिकार करके मांस की सप्लाई नेपाल के रास्ते विदेशों में करता था। अधिकारियों का मानना है कि प्रशांत नेपाल की तरफ भी भाग सकता है, इसलिए सतर्कता बरती जा रही है।
कर्नल देवेंद्र की सिक्योरिटी एजेंसी की छानबीन
ग्रीन पार्क में स्थित कर्नल देवेद्र की सिक्योरिटी सोल्यूशन सर्विसेज के ऑफिस पर मंगलवार को खुफिया इकाई के अधिकारी पहुंचे। ऑफिस पर तैनात स्टाफ ने बताया कि टीम ने प्रशांत बिश्नोई के बाबत पूछताछ की। स्टाफ ने मेरठ में छापामारी के बाद प्रशांत बिश्नोई के बरेली आने के सवाल पर इंकार कर दिया। एजेंसी के काम-काज के बारे में भी सघन पूछताछ की गई।
दरअसल सिक्योरिटी एजेंसी का राजस्थान, पंजाब, दिल्ली, उत्तराखंड सहित करीब 12 राज्यों में नेटवर्क है। मौजूदा समय में एजेंसी के सिक्योरिटी गार्ड कई सरकारी विभाग, बैंक, एटीएम सहित निजी फर्म की सुरक्षा में भी लगे हुए हैं। यह भी देखा जा रहा है कि सिक्योरिटी एजेंसी की आड़ में प्रशांत बिश्नोई की पैठ कितनी गहरी थी। एजेंसी के दस्तावेजों को भी जांचा गया।
एजेंसी के स्टाफ के अनुसार अधिकारियों ने सिक्योरिटी एजेंसी के गार्डों की संख्या, उनको दिए जाने वाले प्रशिक्षण, शूटिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले हथियार की जानकारी भी इकट्ठा की । खुफिया इकाई के अधिकारियों को असिस्टेंट मैनेजर आशुतोष कुमार ने बताया कि 0044 नंबर की एक गाड़ी उनके सिक्योरिटी एजेंसी में लगी हुई है। यह गाड़ी यहां कल लरात को दिकाई दी थी और कहा जा रहा था कि प्रशांत इसी से बरेली आया। एजेंसी के सहायक प्रबंधक ने बताया कि रात में गार्डों की ड्यूटी जांचने के लिए मूवमेंट करती है। यह गाड़ी सोमवार रात को वापस लौटी है। गाड़ी शाहजहांपुर में ठेके पर सिक्योरिटी गार्ड पहुंचाने के लिए गई थी।
कर्नल ने भेजा संदेह, खुद को बताया पाक साफ
असिस्टेंट मैनेजर आशुतोष कुमार के मुताबिक रिटायर्ड कर्नल देवेंद्र कुमार ने स्टाफ को ईमेल और वाट्सएप करके बताया है कि डीआरआई ने उन्हें पाक साफ बताया है। इस संदेश की आधिकारिक पुष्टि के सवाल पर स्टाफ ने चुप्पी साध ली। स्टाफ के मुताबिक संदेश में कहा गया है कि प्रशांत से उनका कोई लेना देना नहीं है।