जिला अस्पताल के स्टाफ का अड़ियल रवैया और आशा बहुआें की दबंगई फिर सामने आ गई। बच्चा वार्ड का शौचालय प्रयोग करने से स्टाफ नर्स ने आशा संगठन की अध्यक्ष को मना कर दिया। दोनों पक्षों में खूब झगड़ा हुआ। वार्ड में तैनात स्टाफ नर्स अपनी जिद पर अड़ी रहीं और शौचालय प्रयोग नहीं करने दिया। वहीं, आशा बहू भी वार्ड का शौचालय प्रयोग करने के लिए सीएमओ से लेकर प्रमुख अधीक्षक तक के कमरे में शिकायत करने पहुंच र्गइं। विधायक को लखनऊ फोन कर दिया गया। आखिरकार आशा बहू ने बच्चा वार्ड के शौचालय का ताला खुलवाकर प्रयोग किया।
आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री संगठन की अध्यक्ष रामश्री गंगवार अपनी मरीज कमला का इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंची। यहां अचानक रामश्री को शौचालय की जरूरत पड़ी तो काफी घूमने के बाद वह बच्चा वार्ड में चली गईं। यहां तैनात नर्स इंचार्ज डेजीलाल ने उन्हें रोक दिया। बोलीं कि यह सार्वजनिक शौचालय नहीं है। आरोप है कि शौचालय में ताला डलवा दिया गया। आशा रामश्री ने खूब झगड़ा किया और अन्य आशाआें को भी बुलवा लिया। इसके बाद वे सीएमओ से शिकायत करने पहुंचीं, लेकिन उन्होंने जिला अस्पताल का मामला होने के चलते सहायता करने से मना कर दिया। आशा प्रमुख अधीक्षक के पास गईं तो उन्होंने भी असमर्थता जता दी। इस पर आशा ने दोबारा वार्ड में जाकर विधायक केसर सिंह को फ ोन किया। विधायक से बात करवाने की आशा ने कोशिश की तो स्टाफ ने मना कर दिया। आखिरकार काफी झगड़े के बाद स्टाफ नर्स को ताला खोलना पड़ा। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके गौतम ने कहा कि वार्ड के शौचालय में बाहरी लोग नहीं जा सकते हैं। उनके लिए सार्वजनिक शौचालय है।
सार्वजनिक शौचालय की तो सुविधा ही नहीं
जिला अस्पताल में सार्वजनिक शौचालय के नाम पर एक शौचालय है जो मोर्चरी के पास है। यहां लोग शौचालय जाने से डरते हैं। दूसरे परिसर में पूर्व विधायक भगवत सरन गंगवार ने एक शौचालय बनवाया है, लेकिन इसमें जाने पर पैसे लगते हैं। महिला अस्पताल में भी कोई सार्वजनिक शौचालय नहीं है। ऐसे में महिलाएं खासी परेशान रहती हैं।