अदालत के निर्देश पर तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर लक्ष्मीशंकर सिंह समेत दो लोगों पर कोतवाली में धोखाधड़ी, प्लाट पर कब्जा कराने और सरकारी अभिलेखों में हेराफेरी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मामला बिहारमान नगला स्थित एक प्लाट के मालिकाना हक से जुड़ा हुआ है। मुकदमा व्यापारी नेता राजकुमार सर्राफ की ओर से दर्ज कराया गया है।
वर्ष 2012 में पीलीभीत बाईपास रोड बिहारमान नगला स्थित एक बेशकीमती प्लाट पर कब्जा करने की शिकायत व्यापारी नेता राजकुमार अग्रवाल ने की थी। आरोप है कि इस मामले में जांच अधिकारी डिप्टी कलेक्टर लक्ष्मीशंकर सिंह ने अवैध कब्जेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए एडीएम प्रशासन के नाम से खुद थाना इज्जतनगर को कार्रवाई करने के लिए निर्देशित कर दिया। पत्र में निर्देश दिया गया कि राजकुमार अग्रवाल ने प्लाट पर अवैध कब्जा कर रखा है। उनके खिलाफ कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। जबकि इस प्लाट पर राजकुमार का ईंट, रेता, बजरी आदि रखा था। इस मिलीभगत की जानकारी मिलते ही राजकुमार ने एडीएम प्रशासन एके उपाध्याय से संपर्क किया और पूरा मामला समझाया। उनकी बात सुनकर एडीएम उपाध्याय भौचक्के रह गए, और उन्होंने संशोधित पत्र थाना इज्जतनगर को लिखा। चूंकि इस मामले में पुलिस की मिलीभगत पहले से ही थी, जिससे मामला बहीं दबा दिया गया।
प्रभावित राजकुमार अग्रवाल ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और धोखाधड़ी व प्लाट पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की गुहार लगाई। कोर्ट ने सुनवाई कर कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया। इस पर शनिवार 23 जुलाई को कोतवाली में पीसीएस अधिकारी लक्ष्मीशंकर सिंह और बहेड़ी थाना क्षेत्र के गांव गिरधरपुर निवासी सलीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। लक्ष्मीशंकर सिंह पिछले दिनों बरेली कमिश्नरी में अपर आयुक्त पद पर तैनात थे।