बरेली। लिफ्ट लेने के बहाने बाइक पर बैठे दो जान पहचान के लोगों ने ही ग्रामीण से ढाई लाख रुपये लूट लिए और उसे नशा सुंघाकर जंगल में डाल गए। तीन दिन बाद होश में आने पर पीड़ितों ने अपनी कहानी सुनाई। पीड़ित ने थाना बिथरी चैनपुर में मुकदमा लिखाने की कोशिश की, लेकिन किसी ने उसकी एक नहीं सुनी। हालांकि एसओ राजवीर सिंह यादव का कहना है कि उसके पास कोई मुकदमा लिखाने को आया ही नहीं है। कोई इस तरह का मामला लेकर आएगा तो जांच कराकर कार्रवाई कराई जाएगी।
थाना भुता के ग्राम गूंगा निवासी तेजपाल ने मुख्यमंत्री और पुलिस प्रशासन के तमाम अफसरों को भेजी शिकायत में कहा है कि उनका भाई नारायण लाल मलबा, मिट्टी, बजरफुट और रेता ढोने का काम करता है। 13 जनवरी को नारायण सुभाषनगर के होरीलाल से एक लाख 55 हजार रुपये, सुक्खन लाल निवासी मोहल्ला वीर सावरकर नगर से एक लाख रुपये लेकर बाइक से घर लौट रहा था। देर शाम करीब आठ बजे रास्ते में डोहरिया शराब भट्ठी के पास देवेंद्र पटेल निवासी श्रीनगर, थाना बारादरी मिल गया। वह उसके भाई की बाइक पर बैठ गया। शराब भट्ठी से करीब आधा किलोमीटर दूरी पर उनकी जान पहचान का ही विनोद पटेल निवासी नवादा जोगियान, थाना बारादरी मिला और वह भी बाइक पर बैठ गया। आरोप है कि दोनों ने कंथरिया गांव के पास नारायण की बाइक रुकवाकर उससे ढाई लाख रुपये लूट लिए और नशा सुंघाकर जंगल में फेंक गए। तमंचे के बल पर उसके भाई को जहरीला पदार्थ खिलाकर गले में फंदा लगाकर जान से मारने की कोशिश भी की गई। दूसरे दिन आसपास के लोगों की सूचना पर नारायण को खेत से उठाकर हरुनगला के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। तीन दिन में होश में आने पर नरायण लाल ने पूरी कहानी बताई। वह मुकदमा लिखाने को बिथरी चैनपुर थाने गए, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हो पाया।