दलित महिला से दुराचार के आरोपी तत्कालीन प्रधान को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई। सजा का आदेश विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट ने किया।
घटना थाना शाही की है जिसकी रिपोर्ट पीड़िता ने खुद लिखाई थी। उसका आरोप था कि वह तीन नवंबर 2011 को सुबह आठ बजे अपने खेत में लकड़ी बीनने गई थी। उसके साथ उसकी बेटी और बेटा भी था। खेत में तत्कालीन प्रधान लालाराम गंगवार अपने भाई नंदराम और शंकरलाल के साथ मौजूद था। लालाराम ने उसे जातिसूचक गालियां देते हुए खेत से लकड़ी बीनने पर नाराजगी जताई। पीड़िता ने गालीगलौज का विरोध किया तो लालाराम उसे खींचकर खेत में ले गया और उसके साथ दुराचार किया। दुराचार के बाद उसने उसके दोनो बच्चों को जान से मारने की धमकी देते हुए भगा दिया। अभियोजन की ओर से कुल छह गवाह पेश किए गए। अदालत ने अभियुक्त लालाराम गंगवार को दुराचार का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।