Laws made to trap the mother's blood
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
थाना शेरगढ़ के सिमरावा गांव की बुजुर्ग चंपादेवी का खून उसके ही लाडले बेटे पप्पू ने किया था। स्क्रिप्ट तो उसने पहली पत्नी के ससुराल वालों को फंसाने के लिए सिर्फ हमले की लिखी थी लेकिन घबराहट में गोली पहले चल गई और सीने को चीरते हुए पार हो गई। पहले ही दिन से हत्या का शक किसी अपने पर ही था। पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो पप्पू ने सच बयां कर दिया।
पप्पू की शादी 23 मार्च 2015 को पीलीभीत जिले की जहानाबाद थानाक्षेत्र के गांव पुल खमरिया निवासी अनीता उर्फ धर्मवती के साथ हुई थी। एक सप्ताह के अंदर ही दोनों का विवाद हो जाने पर पप्पू पत्नी से अलग हो गया था। अनीता के परिवार वालों ने थाना जहानाबाद (पीलीभीत) में पप्पू के खिलाफ दहेज के लिए उत्पीड़न करने और 376 बलात्कार के आरोप में मुकदमा दर्ज करा दिया था। इसी बीच पप्पू ने थाना सीबीगंज के परसाखेड़ा निवासी विद्याराम की लड़की राखी से शादी कर ली थी। राखी से शादी के बाद पप्पू पहली पत्नी के आरोपों में जेल चला गया। तीन माह के बाद जमानत पर छूट कर आने के बाद पप्पू ने साजिश रची। पप्पू के खिलाफ मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रहा है। उसे इस मुकदमे में सजा होने का खतरा लग रहा था इसलिए ही उसने मां को मामूली घायल कर अनीता के घरवालों को 307 में फंसाने की चाल चली। पुलिस के मुताबिक पप्पू ने प्लानिंग के तहत मां चंपादेवी पर गोली चला दी। मां पर गोली चलाते हुए पप्पू का हाथ हिल गया। इस काम में मदद के लिए उसने किसी साथी की मदद भी ली थी। पप्पू का कहना है कि उसका मकसद मां की हत्या करना नहीं था। पुलिस ने फिलहाल उसे थाने में बैठा रखा है। उसने अपने साथी का नाम नहीं बताया है।
एसपी देहात के सवालों में उलझ गया
-चंपादेवी की हत्या के मामले में पप्पू को पहले ही दिन से संदिग्ध माना जा रहा था। एसपी देहात ने पप्पू के घर की वीडियोग्राफी कराकर सवाल बनाकर पूछताछ की तो वह जवाब देने में उलझ गया, लेकिन अभी तक उसने अपने साथी का नाम नहीं बताया है। पुलिस उससे साथी का नाम पता करने में लगी है।
-चंपादेवी मर्डर केस तो लगभग खुल ही गया है। पप्पू ने अपनी पहली पत्नी के परिवार वालों को फंसाकर समझौता करने के लिए दबाव बनाने को चंपादेवी को गोली मारकर हत्या कर दी थी। पप्पू से उसके साथी का नाम पता करके असलहा बरामद करना ही बाकी है-यमुना प्रसाद, एसपी देहात