हाफिजगंज। सनेकपुर गांव में कोटेदार चयन को लेकर जमकर बवाल हुआ। मारपीट के बाद पथराव भी हुआ जिसमें एसओ और होमगार्ड समेत 13 लोग जख्मी हो गए। सीओ नवाबगंज नरेश कुमार, एसडीएम मनीष कुमार ने कई थानों की पुलिस के साथ लाठियां फटकार कर गांव के हालात पर काबू पाया। पुलिस ने प्रधान समेत तीस लोगों को गिरफ्तार कर गंभीर रूप से घायल छह महिलाओं समेत आठ लोगों को मेडिकल के लिए भेजा है।
थाना हाफिजगंज के गांव सनेकपुर में पूर्व प्रधान के भतीजे वसीम के नाम से राशन की दुकान थी। उन्होंने रोजगार सेवक बन जाने के कारण दो माह पूर्व इस्तीफा दे दिया। जिससे गांव में राशन की नई दुकान के लिए प्रस्ताव मांगा गया। इस बीच गांव संतोषपुर में राशन बंट रहा था। राशन की नई दुकान के चयन के लिए शुक्रवार को तारीख तय की गई। जिसमें बीडीओ नवाबगंज व सचिव महेश कुमार समेत कई लोगों को राशन की दुकान के लिए चुनाव कराने को भेजा गया। गांव के प्राइमरी स्कूल शकूर अहमद उर्फ बजाज और पूर्व प्रधान अतीक अहमद ने राशन की दुकान अपने नाम दिए जाने को दावा किया। वे अपने वोटों को स्कूल में ले जाकर एक तरफ बैठ गए। स्कूल में लगभग तीन हजार लोग पहुंचे। वोटिंग के दौरान दावेदारों ने वोटरों को अपनी तरफ खींचना शुरू कर दिया।
इसे लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी होने लगी। दरोगा सतीश ने दोनों को समझाकर मामला शांत कर दिया। तभी किसी ने कमरे के अंदर से एक कुर्सी फेंक दी। इसके बाद तो स्कूल में बवाल होने लगा। दोनों तरफ से कुर्सियां और चप्पलें चलने लगी। देखते ही देखते लोगों एक दूसरे के ऊपर ईंट- पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। दोनों पक्षों के लोग लाठी-डंडे भी निकाल लाए। पुलिस ने दोनों को समझने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति गंभीर बन गयी। दोनों प्रत्याशी के समर्थक एक दूसरे को मारने पीटने लगे और कई घरों में जमकर पथराव कर दिया। दरोगा की सूचना पर एसो धर्मेन्द्र कुमार गुप्ता मौके पर पहुंच गए। उन्होंने लोगों को समझाकर बवाल कर रहे लोगों को रोकने का प्रयास किया तो उन पर भी पथराव हो गया। इस दौरान एसो धर्मेन्द्र कुमार व गार्ड भूदेव घायल हो गए। स्थिति बिगड़ते देख एसो ने सीओ नवाबगंज व आधिकारियों को घटना की जानकारी देकर बुला लिया। सीओ नवाबगंज नरेश कुमार, एसडीएम मनीश कुमार,नवाबगंज,क्योलड़िया, भोजीपुरा समेत कई थानों की फोर्स गांव पहुंच गई। सीओ के नेतृत्व में फोर्स ने गांव में बवाल कर रहे लोगों को दौड़ा दौड़ाकर पीटा। घरों में मचान व चार पहिया वाहनों के नीचे छिपे बवाल करने वालों को पुलिस पकड़कर थाने ले आई। सीओ नवाबगंज ने बताया कि गांव में एक दरोगा और चार सिपाहियों की तैनाती कर दी है। घायलों को मेडिकल के लिए भेज दिया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि मौजूदा प्रधान जलील अहमद समेत तीस से अधिक लोगों को हिरासत में ले लिया है। जिन पर जानलेवा हमला समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करके कार्रवाई की जा रही है।
स्कूल की छुट्टी भी नहीं कराई गई
-शुक्रवार को राशन की दुकान के चुनाव के दिन स्कूल की छुट्टी भी नहीं कराई गई थी। बवाल होने पर स्कूली बच्चे भी भाग गए। गांव सनेकपुर में यह तारीख पहले से नियत थी। उसके बाद भी स्कूल मे शिक्षण कार्य कराया जा रहा था। एसआई सतीश कुमार ने बताया कि मामला बिगड़ता देख उन्होंने कहकर स्कूली बच्चों की छुट्टी कराकर वहां से निकाल दिया था।