चुनावी रंजिश को लेकर हुई कहासुनी में कुछ लोगों ने राशन कोटेदार की गला घोंटकर हत्या कर दी और आत्महत्या का रूप देने को उसका शव रेलवे ट्रैक पर डाल दिया। रात में कोई ट्रेन न गुजरने से शव कटा नहीं और सुबह लालकुआं की तरफ जाने वाली ट्रेन को लोको पायलट ने ट्रैक पर शव देख पहले ही देख लिया। इससे आत्महत्या का रूप देने की कहानी फेल हो गई। पोस्टमार्टम में उसकी गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद छानबीन शुरू कर दी है।
शनिवार सुबह 6:30 बजे बरेली सिटी लालकुआं की तरफ जाने वाली ट्रेन लोको पायलट ने पचदौरा दोहरिया से पहले ही ट्रैक पर 40 वर्षीय व्यक्ति का शव पड़ा देख रोक ली। इस व्यक्ति की गला घोंटकर हत्या की गई थी। उसकी आंख और कोहनी पर भी चोट के निशान थे। शव के कुछ दूर ही उसकी बाइक पड़ी थी। इससे साफ हो गया कि किसी ने इस व्यक्ति की हत्या कर आत्महत्या का रूप देने को शव ट्रैक पर डाल दिया था, लेकिन रात में कोई ट्रेन न गुजरने से कहानी फेल हो गई। सूचना पर एसओ जेपी यादव मौके पर पहुंच गए। मृतक की जेब से निकले आधार कार्ड से और पहचान पत्र से उसकी शिनाख्त बाबू खा पुत्र अमजद खां निवासी बिरबुआ गौंटिया थाना शेरगढ़ के रूप में हुई। सूचना पर परिजन भी आ गए। उन्होंने बताया कि बाबू राशन विक्रेता था और शुक्रवार को वह भोजीपुरा क्षेत्र में एक युवक की शादी में दावत खाने आया था। उसके साथ में गांव का ही फतेह खां भी था। वह भोजपुरा के गांव डहिया में अपने ममेरे साले इस्लाम के घर भी थोड़ी देर रुका और चाय पीने के बाद यहां से चला गया। इसके बाद ही उसकी हत्या कर दी गई। एसओ ने बताया कि मृतक के भाई दौलत खां की तहरीर पर गांव के ही फतेह खां उसके भाई मिसरयार खां के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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मां की हार का बदला खून से लिया फतेह ने
बाबू के भाई दौलत ने बताया कि प्रधानी के चुनाव में फतेह खां की मां खातून चुनाव लड़ी थीं, जबकि उनके परिवार की कुलसूमन चुनाव लड़ी थी। राशन विक्रेता बाबू खां ने अपने परिवार की कुलसुमन को चुनाव लड़ाया था, इस वजह से फतेह खां की मां खातून चुनाव हार गई थीं। इसी बात से फतेह खां बाबू से रंजिश मानता था और उसकी राशन की दुकान को भी निलंबित कराकर स्वयं लेने की योजना बना रहा था। योजना सफल नहीं हुई तो उसने बाबू खां की हत्या कर दी।
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रात में ट्रेन न गुजरने से फेेल हो गई आत्महत्या का रूप देने की कहानी
बरेली। भोजीपुर-लालकुआं के बीच 8:55 के बाद कोई ट्रेन नहीं चलती है। शव ट्रेन से न कटने से साफ हो गया कि बाबू खां की हत्या नौ बजे के बाद ही करके शव रेलवे ट्रैक पर डाला गया। इसके बाद कोई ट्रेन न गुजरने से शव नहीं कट पाया और आत्महत्या की कहानी फेल हो गई।
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बीस मिनट तक खड़ी रही ट्रेन
सुबह 6: 30 बजे बरेली सिटी से लालकुंआ गाड़ी संख्या 55335 पचदौरा डोहरिया के पास पहुंची तो चालक ने ट्रैक पर शव पड़ा देख गाड़ी दूर ही रोक ली और सूचना पुलिस व रेलवे अफसरों को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव हटाया। जिससे करीब बीस मिनट तक ट्रेन खड़ी रही और यात्री परेशान होते रहे।
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फील्ड यूनिट ने की छानबीन, आरोपियों की तलाश में दबिश
हत्या की सूचना पाकर फील्ड यूनिट की टीम ने भी छानबीन की। वहीं एसओ जेपी यादव ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश में पुलिस टीम ने कई जगह दबिश दी।