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शहदाना मजार से गायब बच्चा कैंट से बरामद, बच्चा चोरनी गिरफ्तार  

Sat, 31 Mar 2018 12:46 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
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शहदाना वली मियां की मजार से चोरी मासूम तौसीफ दूसरे दिन नाटकीय ढंग से कैंट के बंगला नंबर 29 में मिल गया। बच्चा वहां एक रिटायर्ड सैन्यकर्मी की बहू सीमा के पास था। बारादरी थाने के इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह सीमा और बच्चे को लेकर कोतवाली पहुंचे। वहां शिनाख्त के लिए तौसीफ की मां मुन्नी को बुलाया गया। मुन्नी ने एक नजर में ही सीमा को पहचान लिया और चीख पड़ी.. यही है मेरे बच्चे की चोरनी। इसके बाद पुलिस ने सीमा के पति विजय सक्सेना को भी थाने पर बुलाया। दोनों से लंबी पूछताछ की गई। 
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बारादरी इंस्पेक्टर के मुताबिक बच्चा चोरी होने के बाद अलर्ट से घबराई महिला ने पुलिस को गुमराह करने के लिए यूपी 100 को फोन करके एक गुमशुदा बच्चे के मिलने की जानकारी दी थी। बच्चे के मिलने से लेकर उसे घर ले जाने की कहानी में कई विरोधाभास सामने आए। अब पहले से दर्ज तौसीफ के अपहरण की एफआईआर में महिला सीमा का नाम खोला जा रहा है। पुलिस इस बाबत भी पूछताछ कर रही है कि कहीं महिला यह बच्चा किसी और के सुपुर्द तो नहीं करने वाली थी। 

कोतवाली पुलिस की लापरवाही आई सामने
दोपहर में करीब दो बजे सीमा बच्चे को लेकर कोतवाली पहुंची थी। उसके साथ चार साल का तौसीफ भी था। पुलिस को उसने बताया कि यह बच्चा उसे चौकी चौराहा के पास रोता हुआ मिला है। पुलिस ने बिना मामला समझे उसे सुझाव दिया कि वह बच्चे को लेकर बारादरी थाने जाए, क्योंकि ऐसा ही एक बच्चा वहां से लापता हुआ है, जबकि यह इतना संवेदनशील मामला था कि कोतवाली पुलिस को बच्चा सहित महिला को हिरासत में लेना चाहिए था। महिला जानती थी कि अगर वह को पता था कि बच्चे को लेकर बारादरी थाने गई तो शर्तिया फंस जाएगी, इसलिए वह बच्चे को लेकर अपने कैंट स्थित घर चली गई और फिर वहीं से यूपी-100 को बच्चा मिलने की खबर दी। महिला की योजना थी कि वह यूपी-100 पुलिस को बच्चा सौंपकर बच जाएगी, लेकिन यूपी-100 पर फोन पहुंचने के बाद सबसे पहले सीओ तृतीय नीति द्विवेदी और बारादरी इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह को सूचना दी गई। बारादरी इंस्पेक्टर ने कैंट में महिला के घर से बच्चे को बरामद कर लिया और सीमा के साथ उसे बारादरी थाने ले जाने के बजाय कोतवाली लेकर पहुंचे। 
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बच्चा मिलने की कहानी आरोपी सीमा की जुबानी 
कोतवाली में पुलिस के सामने सीमा ने नई कहानी गढ़ दी। बोली, वह बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे मढ़ीनाथ में रहने वाली अपनी बहन के घर अपनी छोटी बेटी गौरी को लेने के लिए टेंपो से गई थी। दोपहर में करीब सवा बजे वहां से लौटते वक्त चौकी चौराहा के पास यह बच्चा उसे भटकता मिला तो वह उसे अपने साथ घर ले आईं। उस वक्त उसके पति विजय सक्सेना ड्यूटी पर गए थे। सास दुर्गा देवी घर में सो रही थीं। उन्होंने बच्चे को नहलाया और खाना खिलाया। रात में 11:15 बजे पति लौटे तो उन्होंने बच्चे को पुलिस के हवाले करने को कहा। इसके बाद वह बच्चे को लेकर कोतवाली पहुंची थीं। 

शक्ल देखते ही मां बोली- चोरनी यही है 
तौसीफ की शिनाख्त के लिए पुलिस ने दरगाह से उसकी मां मुन्नी को बुलाया। कोतवाली इंस्पेक्टर गीतेश कपिल के कमरे में सीमा को देखते ही मुन्नी चीखी, यही है.. यही है.. मेरे बच्चे को चुराकर ले जाने वाली। महिला पुलिस ने मुन्नी को पकड़ लिया, वरना वह गुस्से में सीमा पर हमला कर बैठती। 

मासूम कूदकर लिपट गया अपनी मां से 
मुन्नी को देखते ही मासूम तौसीफ उससे लिपट गया और इस तरह खेलने लगा, जैसे कुछ हुआ ही नहीं। मां अपने कलेजे से लगाकर उसे देरतक चूमती रही। पुलिस वालों ने मुन्नी को हिदायत दी कि अब बच्चे का ख्याल रखे और अजनबी हाथों में न जाने दे। 

बेटा नहीं था मेरे, पाल लेती मासूम को 
सीमा के पति विजय सक्सेना इलाहाबाद बैंक में चौकीदार हैं। उनकी दो बेटियां बिंदिया और गौरी हैं। विजय के पिता कृष्ण सक्सेना रिटायर्ड फौजी हैं। सीमा ने बताया कि उसके बेटा नहीं था। वह चाहती थी कि तौसीफ को बेटे की तरह पाल ले। 

महिला की गिरफ्तारी के बाद पहले से दर्ज एफआईआर में उसका नाम खोला जा रहा है। पुलिस उससे पूछताछ कर ही है। बच्चे को मां की सुपुर्दगी में दिया गया है। - रोहित सिंह सजवाण, एसपी सिटी 
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