भाजपा के महानगर अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष पर रंगदारी मांगने के प्रकरण के बाद सामने आए प्रापर्टी डीलर आशुतोष शर्मा ने बरेली पुलिस को ट्वीट किया कि उनके बेटे की स्कूटी को एक कार ने टक्कर मारकर मारने की कोशिश की। उन्होंने फोन पर बताया कि वह फिलहाल इलाहाबाद में हैं। हाल ही में भाजपा के सह मीडिया प्रभारी ने फेसबुक पर उनकी एक पोस्ट पर कमेंट लिखा था कि भाजपा नेताओं पर उंगली उठाने का उन्हें जल्द ही जवाब मिलेगा। इसके बाद उनके बेटे के साथ यह घटना हो गई। हालांकि उन्होंने इस घटना के लिए सीधे तौर पर किसी का नाम नहीं लिया है।
आईजी कार्यालय में सात दिन पहले स्वास्थ्य विभाग से रिटायर्ड रुक्मिणी देवी और प्रापर्टी डीलर आशुतोष शर्मा ने तीन ऑडियो क्लिप सौंपी थी। ऑडियो में भाजपा कोषाध्यक्ष संदीप अग्रवाल और आशुतोष शर्मा की बातचीत थी। रुक्मिणी देवी ने लिखित शिकायत देकर भाजपा नेताओं पर आरोप लगाए कि वे उनसे उनके ही प्लॉट पर निर्माण कराने की एवज में तीन लाख रुपये की रंगदारी मांग रहे हैं। आईजी ध्रुवकांत ठाकुर ने मामले की जांच कराने के लिए एसएसपी जोगेंद्र कुमार को निर्देश दिए थे। एसएसपी ने सीओ तृतीय को जांच दी थी। इसी बीच आशुतोष शर्मा ने पुलिस को ट्वीट कर शिकायत की है कि उनके बेटे को कार से टक्कर मारने की कोशिश की गई है। कार के नंबर की जांच करने पर वह गाजियाबाद के अमित शर्मा के नाम पर पंजीकृत मिली है।
प्रापर्टी डीलर के मुताबिक उनका परिवार इस हमले के बाद दहशत में है। उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट का हवाला देते हुए कहा कि जब उन्होंने वाल पर भाजपा नेताओं पर टिप्पणी की तो भाजपा के सह मीडिया प्रभारी मनोज यादव ने लिखा था कि चर्चा पाने के लिए किसी पर उंगली न उठाये, आपको इसका जवाब जल्द ही मिलेगा। आशुतोष कुमार ने कहा कि वह जल्द इस मामले की शिकायत पुलिस के उच्च अधिकारियों से करेंगे। हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर किसी पर कोई आरोप नहीं लगाए हैं। उधर, सीओ ने बताया कि आईजी कार्यालय में शिकायत करने के बाद पीड़ित पक्ष उनके पास बयान देने नहीं आ रहा है।
मैं तो स्टे लेने इलाहाबाद आया हूं
आशुतोष शर्मा ने बताया कि ऑडियो क्लिप आईजी कार्यालय में सौंपने तक उन्हें नहीं पता था कि इज्जतनगर थाने में कोर्ट के आदेश से उनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है जिसमें उनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है। वह बृहस्पतिवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट आए थे ताकि गिरफ्तारी के विरुद्ध स्टे ले सके। उन्होंने बताया कि यही वजह है कि अभी तक मामले में बयान दर्ज कराने नहीं जा सके हैं।