सावन के तीसरे सोमवार को जिले में कांवड़ यात्रा के दौरान चार स्थानों पर बवाल हुआ। अलखनाथ मंदिर के पास डाक कांवड़ रोकने पर कांवड़िये पुलिस से भिड़ गए। पुलिस की चीता बाइक जला दी गई और जीप में तोड़फोड़ की गई। पुलिस ने डेढ़ घंटे में हालात संभाले। बवाल करने के आरोप में पुलिस ने 60 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। कांवड़ियों का आरोप है कि पुलिस ने एक कांवड़िये को डंडा मार दिया था हालांकि पुलिस ने इससे इनकार किया है।
सोमवार की सुबह 10.30 बजे डाक कांवड़ कछला से आ रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अलखनाथ मंदिर गेट पर सिपाही अजब सिंह यादव ने कांवड़ को रोकने की कोशिश की। इसे लेकर कहासुनी हो गई। इसी बीच सिपाही ने जत्थे में शामिल एक कांवड़िये को डंडा मार दिया। इस पर भड़के कांवड़िये पुलिस से भिड़ गए और पुलिस की चीता मोबाइल बाइक को फूंक दिया। किला थाने की पुलिस की जीप में तोड़फोड़ कर उसे पलट दिया। उस वक्त वहां से गुजरी ट्रेन पर भी पथराव किया जिससे ट्रेन दस मिनट रुकी रही। यहां भीड़ के बीच से चार फायर किए जाने की भी सूचना है। आईजी, एसएसपी, एसपी सिटी समेत तमाम फोर्स मौके पर पहुंची तब कहीं मामला शांत हुआ।
उधर, कमुआ गांव में सड़क किनारे दो बैलों को मरा देखकर कांवड़िये भड़क गए जबकि अटा कायस्थान और हाफिजगंज में पुलिस से झड़प के बाद कांवड़ियों ने जाम लगा दिया। बिथरी चैनपुर इलाके के कमुआ गांव के किसान मोहनलाल के बैल खोलकर चोरों ने बीसलपुर रोड किनारे काट दिया। सूचना मिलने पर कमुआ गांव के लोगों के साथ गुजरने वाले कांवड़ियों ने बरेली-बीसलपुर रोड पर स्थित कमुआ तिराहे पर जाम लगा दिया। बाद में पुलिस ने लाठियां भांजकर स्थिति को काबू में किया।
थाना सीबीगंज के अटा कायस्थान गांव से होकर कांवड़ निक ालने को लेकर बवाल हो गया। गुस्साए कांवड़ियों ने गांव के सामने सुबह जाम लगा दिया। बाद में पुलिस ने कांवड़ियों को समझाकर मामला शांत किया। हाफिजगंज में सेंथल-यादवपुर रोड पर चंदुआ गांव के केशव कुमार की कांवड़ में दूसरे समुदाय के युवक की स्कूटी से टक्कर लग गई। इस पर बवाल के बाद कांवड़ियों और ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। स्कूटी चालक के खिलाफ मुकदमा लिखे जाने पर तीन घंटे बाद जाम खुला।
मंदिर में पहले प्रवेश करने को लेकर कांवड़ियों में विवाद के दौरान सिपाही ने दोनों को समझाने की कोशिश की तो उससे धक्कामुक्की की गई। इसके बाद बात बढ़ी। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज देखकर अराजकता फैलाने वाले कांवड़ियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सिपाही की गलती सामने आई तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
- विजय सिंह मीना, आईजी जोन
कप्तान ने सिपाही को दी क्लीनचिट
अलखनाथ मंदिर के पास बवाल के मामले में एसएसपी आरके भारद्वाज ने सिपाही अजब सिंह को फिलहाल तो क्लीनचिट दे दी। उन्होंने बताया कि मंदिर के बाहर कांवड़ियों की लाइन लगी थी। इसी बीच एक डाक कांवड़ वाले अंदर जाने की कोशिश करने लगे। इस पर उनकी दूसरे कांवड़ियों से विवाद हो गया। सिपाही ने दोनों में बीच बचाव करके समझाने की कोशिश की तो उससे भी कांवड़ियों ने धक्का-मुक्की कर दी। इस दौरान उसने भी कह दिया होगा। इससे ज्यादा कुछ नहीं हुआ। सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है। बवाल करने वालों से सख्ती के साथ निपटा जाएगा।
60 बवालियों के खिलाफ मुकदमा
बरेली। अलखनाथ मंदिर के सामने हुए बवाल के बाद किला थाने में 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट, आगजनी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमा किला थाने के चालक सिपाही गुरेंद्र सिंह की ओर से लिखाया गया है। पुलिस ने बवाल में शामिल रहे लोगों के बारे में छानबीन की जा रही है। उनकी पहचान के लिए मंदिर में लगे सीसी टीवी कैमरे के फुटेज भी देखे जाएंगे।
आधे घंटे में पहुंची फायर ब्रिगेड
फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी सोमवार सुबह एहतियातन किला चौकी के पास खड़ी की गई थी। बवाल के दौरान चीता मोबाइल में आग लगने पर इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी गई। मगर काफी देर तक गाड़ी मौके पर नहीं पहुंची। जबकि अलखनाथ मंदिर और किला चौकी के बीच की दूरी सौ मीटर करीब होगी। इससे सीओ स्नेहलता ने फोन पर नाराजगी जताई। कहीं तब जाकर फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची होगी। तब तक कुछ लोगों ने पानी और रेत डालकर आग बुझा दी थी।
अफवाह फैलाने वाले सक्रिय, दुकानें बंद
किला में बवाल होने पर शहर में तरह-तरह की अफवाहें उड़ने लगीं। लोग एक-दूसरे को फोन करके हालात के बारे में जानने की कोशिश करने लगे। उधर अलखनाथ मंदिर से गढ़ी चौकी, इधर किला मार्केट, साहूकारा, नीम की चढ़ाई तक दुकानों के शटर गिर गए। मार्केट में मौजूद बच्चों और महिलाओं से लोग अपने घरों को जाने के लिए कहने लगे। हालांकि माहौल शांत होने के बाद बाजार दुबारा खुल गए।
ट्रेन रोकी, फाटक तोड़ने की कोशिश
बरेली। अलखनाथ मंदिर के सामने बवाल के दौरान दर्जनों कांवड़िए रेलवे ट्रैक पर खड़े हो गए। उसी वक्त उधर से गाड़ी संख्या 14045 लखनऊ-काठगोदाम एक्सप्रेस उधर से गुजर रही थी। भीड़ को देख ड्राइवर ने गाड़ी रोक दी और इसकी सूचना रेल कंट्रोल को दी। इस दौरान कुछ कांवड़ियों ने रेलवे फाटक तोड़ने की कोशिश की। शरारती लोगों ने दो-चार पत्थर भी ट्रेन पर फेंक दिए। इसका पता लगने पर आरपीएफ और जीआरपी वाले मौके पर पहुंच गए। उन्होंने भीड़ को समझाकर ट्रैक खाली कराया। ट्रेन करीब 10 मिनट खड़ी रहने के बाद वहां से रवाना हुई। इज्जतनगर रेल मंडल के पीआरओ राजेंद्र सिंह के मुताबिक ट्रेन रोकी गई थी, लेकिन पथराव नहीं हुआ। इस मामले में सोमवार देर रात तक कोई रिपोर्ट नहीं लिखी गई।
बवाल के बाद कांवड़िए और आम श्रद्धालु देर शाम तक जलाभिषेक और दर्शन करने को पहुंचते रहे। एहतियातन मंदिर और आसपास पुलिस, पीएसी तैनात रही।
विधायक के कहने पर छोड़ी बाइक
बवाल के दौरान अलखनाथ मंदिर के सामने रोड पर खड़ी एक बाइक पुलिस उठाकर किला थाने ले गई थी। यह बाइक बानखाना में रहने वाले किशन की थी। उनकी शिकायत पर मंदिर परिसर में मौजूद इंस्पेक्टर कासिम ने बाइक छोड़ने को कह दिया। मगर किशन अपनी बाइक लेने थाने गए तो वहां मौजूद पुलिस कर्मी आनाकानी करने लगे। किशन ने परेशान होकर नगर विधायक डॉ. अरुण कुमार से संपर्क किया। विधायक के कहने के बाद पुलिस ने बाइक छोड़ी। मगर किशन का नाम पता दर्ज करने के साथ फोटो खींच लिया।
चर्चित सिपाही है अजब सिंह यादव
सिपाही अजब सिंह पिछले करीब एक दशक से जिले में तैनात है। वह एसओजी में भी रहा था, जिससे उसके तमाम अवैध काम करने वाले लोगों से अच्छे संबंध हैं। इसी को लेकर तत्कालीन डीआईजी/ एसएसपी ने अजब सिंह के खिलाफ जांच भी कराई थी। उसका नाम अक्सर चर्चा में आता रहता है।
भीड़ का आकलन नहीं कर पाए अफसर
सावन के तीसरे सोमवार को अलखनाथ मंदिर पर कांवड़ियों और आम श्रद्धालुओं की कितनी भीड़ रहेगी इसका आकलन पुलिस अफसर नहीं कर पाए। शायद यही वजह है कि अलखनाथ मंदिर पर सुरक्षा व्यवस्था कम रखी गई। बवाल होने पर सीओ अपने हमराह सिपाहियों के साथ मौके पर माहौल शांत करने को जुटी रहीं। इंस्पेक्टर अपने हमराह के साथ रहे, जबकि अलखनाथ मंदिर पर पीएसी पहले से लगानी चाहिए थी।
घंटेभर बवालियों के कब्जे में रहा अलखनाथ मंदिर रोड
इलाके में फैली रही दहशत, बंद हो गया बाजार
अलखनाथ मंदिर में पुलिस के डंडा चलाने पर भड़के कांवड़ियों ने नैनीताल रोड पर कब्जा कर लिया। सड़क पर उठती आग की लपटें, फायरिंग की आवाज, वाहनों में तोड़फोड़ और नारेबाजी से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। अलखनाथ मंदिर में दर्शन करने वाले और राहगीर खुद को बचाने के लिए सुरक्षित स्थान देखकर इधर- उधर दौड़ रहे थे। करीब एक घंटे तक मौके पर मौजूद खाकी वर्दी वाले बेबस नजर आए।
सुबह सवा दस बजे अलखनाथ मंदिर में पुलिस और कांवड़ियों के बीच झड़प शुरू हुई। धक्का-मुक्की के बीच नीचे गिरे सिपाही के साथी अजब सिंह ने एक कांवड़िये को डंडा जड़ दिया। फिर तो मंदिर परिसर में नारेबाजी, मारपीट और भगदड़ होने लगी। काफी देर तक अफरातफरी का माहौल रहा। इसी बीच मंदिर से बाहर मौके पर पहुंचे किला इंस्पेक्टर ने माफी मांगकर कांवड़ियों को शांत करने की कोशिश की। पुलिस कार्रवाई से गुस्साए कांवड़ियों अलखनाथ मंदिर के सामने जाम लगाकर नारेबाजी करने लगे। वहां खड़ी किला पुलिस की जीप के शीशे तोड़ दिए और पलटने के बाद आग लगाने के लिए डीजल निकालने लगे। चालक के साथ बदसलूकी की गई और जीप में रखे सरकारी कागज फाड़ दिए। वहां मौजूद एसएसआई अनिल सिरोही ने किसी तरह जीप तो बचा ली, लेकिन उन्हें चोट भी लगी। इसी बीच भीड़ ने चीता मोबाइल बाइक में आग लगा दी। भीड़ के बीच से चार राउंड फायरिंग की गई। इस दौरान उधर से किसी को भी निकलने नहीं दिया गया। निकलने की कोशिश करने वालों के साथ बदसलूकी की गई। सड़क पर बवाल देख घबराए आसपास के लोगों ने अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए। मौजूद सीओ सिटी द्वितीय स्नेहलता, इंस्पेक्टर मोहम्मद कासिम, एसएसआई अनिल और तीन-चार सिपाही कांवड़ियों को शांत करने में जुटे थे। पूर्वाह्न 11.15 एसपी सिटी समीर सौरभ, पीएसी, इंस्पेक्टर कोतवाली, इज्जतनगर और सुभाषनगर के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस, पीएसी को गाड़ियों से उतरते देख बवाल कर रहे कांवड़िए इधर-उधर को खिसकने लगे, जो बचे थे उन्हें पुलिस ने फटकार कर भगा दिया। माहौल शांत होते ही यातायात चालू करा दिया गया। इसके बाद एसएसपी आरके भारद्वाज आरआरएफ को लेकर मौके पर पहुंचे।