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कांवड़ियों को पैदल रास्ता दिया तब खत्म हुआ धरना

Sun, 31 Jul 2016 12:55 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
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शाही इलाके के बुझिया जागीर गांव में कांवड़ियों के रास्ते को लेकर उठा विवाद देर रात कांवड़ियों को उसी रास्ते पैदल निकलने देने के बाद विवाद फौरी तौर पर शांत हुआ और धरना खत्म किया गया। विवाद के स्थायी समाधान के लिए शनिवार को दूसरे दिन पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने में समझौते के लिए बुलाया था लेकिन नतीजा नहीं निकला। अब सोमवार को फिर बैठक होगी। गांव में एहतियातन पुलिस और पीएसी तैनात की गई है। 
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बुझिया जागीर गांव में बृहस्पतिवार को कांवड़ियों के रास्ते को लेकर बवाल हुआ था। वहां दूसरे समुदाय के लोग मस्जिद के सामने से कांवड़ियों के निकलने का विरोध कर रहे थे। जबकि कांवड़िया उसी रास्ते से जाने की जिद पर अड़े थे। माहौल गर्माने पर पुलिस को लाठी फटकारना पड़ा था। आधी रात को मौके पर पहुंचे एडीएम मनोज कुमार व एसपी देहात यमुना प्रसाद ने किसी तरह लोगों शांत कराया। रात करीब डेढ़ बजे कांवड़ियों को पैदल शांति पूर्वक रवाना किया गया, जो गांव के बाहर जाकर ट्रैक्टर-ट्राली में बैठ गए। इसके बाद धरना खत्म हो गया। इस मामले को लेकर शुक्रवार पूरे दिन बुझिया गांव में तनाव की स्थिति रही।
मीरगंज एसडीएम आरएन पांडेय व सीओ ग्रीसपाल सिंह ने शनिवार शाम चार बजे शाही थाने में बुझिया जागीर के दोनों समुदायों के लोगों की बैठक बुलाई थी। एक पक्ष के नन्हेंशाह, अय्यूब, नसरुद्दीन समेत 15 लोग शाही थाने पहुंचे। मगर दूसरे पक्ष से केवल प्रधान अशोक कुमार व राजकुमार गुप्ता समेत तीन लोग ही बैठक में गए। नन्हेंशाह, अय्यूब, नसरुद्दीन ने साफ कहा कि हमारी बस्ती छोड़कर कांवड़िया समूचे गांव में घूमे, हमें कोई ऐतराज नहीं है। मस्जिद के सामने कांवड़िया जयकारे भी न लगाएं। दूसरी तरफ से पहुंचे प्रधान अशोक ने ग्रामीणों के बगैर निर्णय लेने पर असमर्थता जताई। शाम को भाजपा नेत्री ममता गंगवार शाही थाने पहुंचीं। उन्हें पुलिस ने बैठक में शामिल नहीं होने दिया, जिससे उन्हें बैरंग लौटना पड़ा।
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बुझिया में शांति है। एहतियातन पुलिस तैनात है। एसडीएम और सीओ बातचीत कर रहे हैं। आपसी बातचीत से ग्रामीणों में जो सहमति बनेगी उसे लागू कर दिया जाएगा। - यमुना प्रसाद, एसपी ग्रामीण 
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