केसरपुर में जिला जेल के नये भवन में अधिकारियों की निगरानी नहीं होने का फायदा ठेका कंपनी के एजेंट उठा रहे हैं। बंदियों से मिलने के लिए लगे काउंटर पर खुलेआम अवैध वसूली चलती है। ऐसा यहां तकरीबन हर रोज होता है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की आंखें यह गड़बड़ियां देखना नहीं चाहतीं।
रविवार को जिला जेल में बड़ी संख्या में बंदियों के परिवार के लोग पहुंचे थे। एक बंदी के परिवार के व्यक्ति ने ठेका कंपनी के एजेंट का वीडियो बनाया, जिसमें साफ तौर पर दस-दस रुपये की वसूली होते नजर आ रही है। लाल पर्ची के बदले दस रुपये लेने की दबंगई ऐसी की बहस करने वाले परिजनों को पर्ची देने से ही मना कर दिया जाता है। नियमानुसार देखा जाए तो इसका शुल्क पांच रुपये हैं। यह भी इसलिए निश्चित किया गया है ताकि ठेका कंपनी अपना खर्च निकाल सके।