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एक साल से चल रहा था एटीफ चोरी का ये खेल 

Thu, 04 May 2017 01:07 AM IST
बरेली।  
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It was a year of stealing steam this game - फोटो : बरेली, अमर उजाला
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जिले में एक के बाद एक एटीएफ, पेट्रोल और डीजल के इतने मामले सामने आ रहे हैं कि यह समझ में ही नहीं आ रहा कि इस गैंग में कितने लोग शामिल हैं और इनका आपस में क्या रिश्ता है। अब ठीक आयल डिपो के बाहर ईंधन चोरी का मामला पकड़ में आया है।
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चालक शिवप्रताप सिंह के मुताबिक पिछले एक साल से गुजरात के टैंकर से ऑयल डिपो से ईंधन लेकर त्रिशूल एयरबेस में आपूर्ति दे रहा है। ऑयल डिपो से सटे गांव नगरिया सतन के विनीत, टुल्लू और उनके सहयोगियों के संपर्क में था। माफिया की शह पर चालक हर टैंकर से करीब 300 से 400 लीटर तेल निकाल कर बेच देता था।  

पहुंचा था फोन, डरने की जरूरत नहीं 
चालक के अनुसार करीब डेढ़ महीने में पुलिस की सख्ती से तेल चोरी ठप पड़ी थी। अब दोबारा शुरू हुआ था। चालक के पास बुधवार को तेल माफिया का फोन आया था कि पुलिस से सेटिंग हो चुकी है। डरने की जरूरत नहीं है। जब शिव प्रताप ने विनीत के खोखे के पास तेल की कैन देखी तो उसने तेल देने पर रजामंद हो गया। 
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सादी वर्दी  में पहुंची थी पुलिस 
पुलिस को लंबे समय से आईओसी के टैंकर से तेल चोरी की सूचना मिल रही थी। थाने में करीब 12.15 बजे फोन पहुंचा था। जिसके बाद सादी वर्दी में प्राइवेट गाड़ी में पुलिस मौके पर पहुंची।  विनीत के खोखे के पास तेल का खेल चल रहा था। 

55 से 60 रुपये में बिकता था पेट्रोल
चालक ने पुलिस को बताया कि पेट्रोल के लिए प्रति लीटर उसको 55 से 60 रुपये मिलता था। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि तेल माफिया के नपना अनोखा है। टैंकर से 20 लीटर तेल नपना में लेने पर करीब 24 लीटर ट्रांसफर होता था।

गुजरात के ट्रांसपोर्टर का है टैंकर 
टैंकर गुजरात के मातेश्वरी ट्रांसपोर्टर भरत पाटिल का बताया जा रहा है। पुलिस के पहुंचने तक तेल माफिया टैंकर से करीब 120 लीटर पेट्रोल चार केन में ट्रांसफर कर चुके थे। चालक के मुताबिक 300 लीटर ईंधन निकाला जाना था। पुलिस ने सभी कैन अपने कब्जे में लिए हैं। गुजरात के ट्रांसपोर्टर से संपर्क किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि देवचरा मामले में गुजरात कनेक्शन सामने आ चुका है।


डीएम और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई थी। पूरे दिन थाने में अधिकारी नहीं पहुंचे। जिसकी वजह से एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी। इसके पीछे अधिकारियों ने प्रशासन की बैठकों का हवाला दिया। 
-एसएस पवार, थाना प्रभारी  

 तीन अड्डों पर चोरी होता है तेल 
बरेली।ऑयल डिपो के टैंकरों से तेल चोरी के तीन अड्डों पर खुलेआम टैंकरों से तेल चोरी का खेल चलता है। यहां पहले  छापामारी भी हुई, कुछ गिरफ्तारी भी हुईं। 
सूत्रों के अनुसार नगरिया सतन गांव में सहकारिता विभाग के कोल्ड स्टोरेज के पास तेल चोरी का अड्डा है। यहां से करीब 20 मीटर की दूरी पर एक बाग में भी ऑयल डिपो के टैंकरों से तेल चोरी किया जाता है। इसके अतिरिक्त विनीत के खोखे के पास में भी लंबे समय से टैंकरों से तेल चोरी किया जा रहा था।    पुलिस सब कुछ देखकर भी अनदेखा करती रही है। 
मास्टर की के इस्तेमाल से होती है चोरी 
तेल माफिया टैंकरों के लॉक खोलने के लिए मास्टर की का इस्तेमाल करते हैं। गुजरात के टैंकर से मास्टर की बरामद नहीं हुई है। पुलिस मान रही है कि विनीत मास्टर की लेकर भाग निकला। 

कई दफा पकड़ी गई है तेल चोरी 
एसडीएम सत्यम मिश्रा ने बदायूं रोड पर छापेमारी करके विनोद सिंह चौहान को पकड़कर एक हजार लीटर चोरी का तेल बरामद किया था। यह तेल फार्म हाउस और दुकान से पकड़ा गया था। तीन मास्टर की भी बरामद की गई थी। आंवला थाने में एफआईआर हुई थी।  तीन साल पहले भी नगरिया सदन के मोबाइल टॉवर के कक्ष में सैकड़ों लीटर चोरी का तेल बरामद किया गया था। 

देवचरा जैसे और अड्डे तो नहीं है सक्रिय 
ऑयल डिपो से निकलने वाले टैंकर देवचरा के रास्ते ही जाते हैं। पुलिस को आशंका है कि तेल की कमी को पूरा करने के लिए इन टैंकरों में देवचरा की तर्ज पर मिलावट की जा रही है।  बता दें कि देवचरा में  पुलिस ने 5500 लीटर मिलावटी तेल पकड़ा था। तेल माफिया केके गुप्ता, नितिन कंसल, सहित 11 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। 
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अनुत्तरित सवाल 
-जांच के बाद ही टैंकर एयरबेस के अंदर जाते हैं। अगर टैंकर से 300 से 400 लीटर चोरी हो रहा है तो पकड़ा क्यों नहीं जाता है? 
-ऑयल डिपो के टैंकरों से लगातार चोरी में कर्मचारियों की मिली भगत से इंकार नहीं किया जा सकता है। इस पर जांच क्यों नहीं होती? 
-डिपो के ठीक सामने टैंकरों से खुलेआम तेल चोरी के खेल पर अधिकारी और तेल कंपनियां खामोश क्यों रहते हैं।
 
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