बिसारतगंज-चाढ़पुर मार्ग पर शिक्षक के हादसे में घायल होने के बाद पीआरवी वैन के पुलिसकर्मियों द्वारा वीडियो बनाने के प्रकरण में एसएसपी कलानिधि नैथानी ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए एक दरोगा और सिपाही को निलंबित कर दिया है। पीआरवी पर तैनात होमगार्ड पर कार्रवाई के लिए कमांडेंट को पत्र लिखा गया है। संभावना है कि उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी। बेहटा बुजुर्ग गांव के प्राथमिक विद्यालय में तैनात हेडमास्टर इस्तकार अहमद बीमार पिता कल्लू टेलर को देखने फरीदपुर जा रहे थे। मिर्जापुर तिराहे के पास जेसीबी की टक्कर से वह गंभीर घायल हुए थे। सूचना के काफी देर बाद यूपी 100 की गाड़ी मौके पर पहुंची थी। पीआरवी 207 पर तैनात आरक्षी मोहम्मद एहसान व चालक होमगार्ड हामिद हुसैन ने शिक्षक की तत्काल मदद की जगह काफी देर तक उनसे सवाल जवाब करते रहे। जिसका वीडियो बनाया जाता रहा। शिक्षक को बाद में पीआरवी वैन में रखा गया, लेकिन एंबुलेंस पहुंचने के बाद उनको उसमें ट्रांसफर किया गया। इस चक्कर में वह ढाई घंटे देरी से अस्पताल पहुंचे। बाद में उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। जांच में यह भी सामने आया कि रोस्टर के मुताबिक तैनात दरोगा तेज सिंह नागर को भी लापरवाही के दोषी माना गया। उन्हें भी निलंबित किया गया।
अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद एसपी देहात सतीश कुमार ने जांच के बाद रिपोर्ट एसएसपी कलानिधि नैथानी को सौंप दी। वीडियो साक्ष्य के आधार पर पीआरवी स्टाफ को दोषी माना गया। शिक्षक को तत्काल अस्पताल न पहुंचाकर वीडियो बनाकर बयान लेेने में पुलिसकर्मियों द्वारा लापरवाही व अमानवीयता बरती जाने निलंबन कार्रवाई की गई है। एसएसपी ने सभी पुलिसकर्मियों को मानवीय दृष्टिकोण के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं।