गाेंडा के थाना खरबपुर के गांव कमराबा निवासी मालती देवी बुधवार दोपहर करीब बारह बजे अपने पिता और ससुरालियों के साथ रोते हुए जिला अस्पताल पहुंची। उसने अपने बैग में रखे भाई राजन और पति त्रिवेनी के फोटो दिखाए। मालती ने जब अपनी दु:ख भरी कहानी बयां की तो उसे सुनकर अस्पताल में मौजूद लोग भावुक हो गए। उसने बताया कि बस हादसे ने 11 महीने में ही उसका सुहाग निगल लिया। उसके भाई राजन की भी जान चली गई और दूसरा भाई विनोद घायल है। महिला पति और भाई की तस्वीर सीने से लगाकर फफककर रो रही थी।
मालती ने बताया कि उसका भाई राजन, विनोद और पति त्रिवेनी दिल्ली के करोल बाग की एक फैक्ट्री में काम करते थे। विगत मंगलवार को उसके चाचा ज्वाला प्रसाद के लड़के राजेश की शादी थी, जिसमें शामिल होने त्रिवेनी, राजन और विनोद दिल्ली से चले थे। मालती के मुताबिक, बस में सवार होने के दौरान शाम साढ़े सात बजे त्रिवेनी से उसकी फोन पर बात हुई। सभी लोग खुशी-खुशी आ रहे थे। आधी रात के बाद पति और दोनों भाइयों के फोन बंद हो गए। सुबह पता चला कि बरेली में हाईवे पर बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस पर वह पिता राम दयाल और जेठ जीवन लाल आदि के साथ बरेली पहुंची। विनोद तो गंभीर हालत में उसे अस्पताल में मिल गया, लेकिन त्रिवेनी और राजन नहीं मिला। स्वास्थ्य विभाग वालों ने राजन के पिता राम दयाल और त्रिवेनी के भाई जीवन लाल का डीएनए टेस्ट के लिए सैंपल लिया। मालती ने बताया कि उसकी पिछले साल सात अगस्त को ही त्रिवेनी के साथ शादी हुई थी।
राम दयाल को बुढ़ापे में जख्म दे गया हादसा
बहराइच के विशेश्वरगंज क्षेत्र के हरदाही निवासी राम दयाल के पुत्र राजन और विनोद दिल्ली के करोलबाग में बाइक के इंडीकेटर बनाने वाली फैक्ट्री में काम करते थे। तीसरा 12 साल का बेटा प्रमोद राम दयाल के साथ गांव में रहता है। राजन और विनोद कुछ पैसा कमाकर घर भेजने लगे तो मां किरन और पिता राम दयाल के दिल को भी बेहद तसल्ली हुई। रविवार रात हुए हादसे ने इस परिवार पर दु:खों का पहाड़ तोड़ दिया। राजन की मौत हो गई और दूसरा बेटा विनोद गंभीर रूप से घायल है। राम दयाल को तीसरा जख्म बेटी मालती के पति त्रिवेनी के हादसे में खोने पर मिला। एक साथ तीन दु:ख मिलने से वह बुरी तरह से टूट गए।